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दिल्ली में बन रही पहली हाई-टेक जेल, अब तिहाड़ जेल में खूंखार गैंगस्टर्स पर लगेगी लगाम

CENTRE NEWS EXPRESS (28 JANUARY DESRAJ)

दिल्ली की तिहाड़ जेल(Tihad Jail) में आए दिन होने वाली गैंगवार और हिंसा की घटनाएं अब बीते जमाने की बात हो सकती हैं। दिल्ली सरकार ने नरेला में शहर की पहली हाई-सिक्योरिटी जेल बनाने की तैयारी पूरी कर ली है। इस परियोजना के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है और उम्मीद जताई जा रही है कि फरवरी के मध्य से निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। नई जेल को अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों पर तैयार किया जाएगा, जिससे खतरनाक और हाई-रिस्क कैदियों को अलग और सुरक्षित तरीके से रखा जा सकेगा।

नरेला के टिकरी खुर्द गांव में करीब 40 एकड़ क्षेत्रफल में बनने जा रही दिल्ली की पहली हाई-सिक्योरिटी जेल का मुख्य उद्देश्य खूंखार और हाई-रिस्क कैदियों को पूरी तरह अलग-थलग रखना है। इस अत्याधुनिक जेल में 250 से 300 खतरनाक कैदियों को रखने की क्षमता होगी। सबसे खास बात यह है कि यहां बनाए जा रहे सेल अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगे, ताकि कैदी न एक-दूसरे को देख सकें और न ही आपस में बात कर सकें।

टिल्लू ताजपुरिया हत्याकांड से लिया सबक

अधिकारियों के मुताबिक, तिहाड़ जेल में टिल्लू ताजपुरिया की 100 से ज्यादा बार चाकू मारकर की गई हत्या और नीरज बवाना गैंग के एक सहयोगी की हत्या जैसी गंभीर घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए यह सख्त फैसला लिया गया है। बताया गया है कि पुरानी जेलों में भारी भीड़भाड़ का फायदा उठाकर गैंगवार को अंजाम दिया जाता था, जिससे जेल प्रशासन के लिए स्थिति संभालना मुश्किल हो जाता था। वहीं, नरेला में बनने वाली हाई-सिक्योरिटी जेल में कैदियों को इस तरह रखा जाएगा कि वे न तो आपस में संपर्क बना पाएंगे और न ही अपना गैंग खड़ा कर सकेंगे।

बायोमेट्रिक लॉक और बॉडी स्कैनर का पहरा

नई हाई-सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह अभेद्य होगी। जेल के चारों ओर 20 मीटर से ज्यादा ऊंची दीवारें बनाई जाएंगी, ताकि कैदियों के फरार होने की कोई संभावना न रहे। इसके साथ ही जेल में हाई-टेक सुरक्षा फीचर्स लगाए जाएंगे, जिनमें बायोमेट्रिक लॉक सिस्टम, बॉडी स्कैनर, और 24×7 वीडियो सर्विलांस शामिल होंगे। सबसे खास बात यह है कि जेल परिसर के अंदर ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम और कोर्ट की कार्यवाही के लिए विशेष व्यवस्था होगी, जिससे खतरनाक कैदियों को बाहर ले जाने का जोखिम कम किया जा सकेगा।

केंद्र सरकार उठा रही है खर्चा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नरेला में बनने वाली इस हाई-टेक हाई-सिक्योरिटी जेल के निर्माण का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। हालांकि, यदि परियोजना की लागत 100 करोड़ रुपये से अधिक होती है, तो अतिरिक्त खर्च दिल्ली सरकार वहन करेगी। बताया गया है कि केंद्र सरकार फरवरी 2024 में ही इस प्रोजेक्ट के लिए 10 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। प्रशासनिक सूत्रों को उम्मीद है कि यह हाई-सिक्योरिटी जेल 2026 के अंत तक बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस जेल के शुरू होने के बाद दिल्ली की जेल व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा और हिंसा व गैंगवार पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।

ViaCNE
SourceCNE
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