CENTRE NEWS EXPRESS (19 FEBRUARY DESRAJ)
पठानकोट और जम्मू की ओर जाने वाले वाहन चालकों को बुधवार को उस समय भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जब जालंधर-भोगपुर हाईवे पर स्थानीय लोगों ने प्रस्तावित CNG प्लांट के विरोध में जोरदार प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दी। सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ यह प्रदर्शन दोपहर तक जारी रहा, जिससे हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बसों, ट्रकों और निजी वाहनों में सफर कर रहे लोग घंटों फंसे रहे।

प्रदर्शन में आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। महिलाओं और युवाओं ने भी सड़क पर बैठकर नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जिस स्थान पर CNG प्लांट लगाने की योजना बनाई गई है, वह रिहायशी इलाकों और कृषि भूमि के बेहद नजदीक है। उनका कहना है कि प्लांट से संभावित गैस रिसाव, दुर्गंध और किसी भी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि परियोजना को लेकर उचित जनसुनवाई नहीं की गई और न ही ग्रामीणों को पूरी जानकारी दी गई। उनका आरोप है कि बिना स्थानीय सहमति के कार्य शुरू करने की कोशिश की जा रही है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई कि प्लांट के कारण क्षेत्र के भूजल और वातावरण पर नकारात्मक असर पड़ सकता है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और पशुधन की सेहत प्रभावित होगी।
हाईवे जाम होने से खासकर पठानकोट और जम्मू की ओर जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। कई यात्री वैकल्पिक मार्गों की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सभी आपत्तियों और चिंताओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी तथा सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
देर शाम तक प्रशासन और ग्रामीण प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का दौर जारी रहा। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक की स्थिति की जानकारी लेकर ही रवाना हों और आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक मार्ग अपनाएं।



