सेंटर न्यूज़ एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा राजनीतिक नुकसान झेलना पड़ा है। पार्टी के प्रमुख नेता Arvind Kejriwal के नेतृत्व वाली AAP के सात राज्यसभा सांसद—Raghav Chadha, Harbhajan Singh, अशोक कुमार मित्तल, संदीप कुमार पाठक, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता—अब आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का हिस्सा बन गए हैं।
राज्यसभा सचिवालय ने जारी किया नोटिफिकेशन
Rajya Sabha सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर इन सातों सांसदों को BJP का सदस्य मान्यता दे दी है। इस फैसले के बाद उच्च सदन में भाजपा की संख्या बढ़कर 113 हो गई है, जो पार्टी के लिए एक अहम राजनीतिक बढ़त मानी जा रही है।
किरण रिजिजू ने किया स्वागत
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्यसभा के सभापति C. P. Radhakrishnan ने AAP सांसदों के BJP में विलय को मंजूरी दी है। उन्होंने इन नेताओं की संसदीय मर्यादा की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में NDA में उनका स्वागत है।
24 अप्रैल को किया था ऐलान
इस सियासी घटनाक्रम की शुरुआत 24 अप्रैल 2026 को हुई थी, जब राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर AAP छोड़ने और BJP में शामिल होने का ऐलान किया था। उस दौरान उन्होंने दावा किया था कि उनके साथ कुल सात सांसद हैं। इनमें छह पंजाब और एक दिल्ली से राज्यसभा सदस्य शामिल हैं।
AAP ने उठाया विरोध
इस मामले पर AAP ने कड़ा विरोध जताया है। पार्टी के राज्यसभा सांसद Sanjay Singh ने सभापति को पत्र लिखकर सातों सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग की थी। उन्होंने इसे दल-बदल करार देते हुए कहा कि यह कदम जनता के जनादेश और संविधान के साथ विश्वासघात है।
राजनीतिक असर बढ़ने के संकेत
सात सांसदों के एक साथ पार्टी छोड़ने और BJP में शामिल होने से राष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जहां BJP को राज्यसभा में मजबूती मिली है, वहीं AAP के लिए यह बड़ा संगठनात्मक झटका माना जा रहा है। आने वाले समय में इसके व्यापक राजनीतिक असर देखने को मिल सकते हैं।



