सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
जालंधर में प्रस्तावित धार्मिक कार्यक्रम को लेकर बुधवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रसिद्ध भजन गायक Kanhaiya Mittal के बालाजी संकीर्तन से पहले पुलिस द्वारा आयोजन की तैयारियां रुकवाने पर कई हिंदू संगठनों और स्थानीय नेताओं ने विरोध जताया। मामला देखते ही देखते शहर में चर्चा का विषय बन गया।
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम स्थल पर मंच, लाइट और बैठने की व्यवस्था का काम तेजी से चल रहा था। इसी दौरान पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आयोजन से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने अनुमति प्रक्रिया पूरी न होने की बात कहते हुए तैयारियां अस्थायी रूप से रुकवा दीं।
घटना के बाद आयोजकों और समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि धार्मिक आयोजनों के साथ सख्ती दिखाई जा रही है, जबकि अन्य कार्यक्रमों में प्रशासन अलग रवैया अपनाता है। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी भी की।
वहीं आयोजन समिति से जुड़े सदस्यों का कहना है कि उन्होंने संबंधित विभागों में आवेदन और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर दी थीं। उनका आरोप है कि अंतिम समय में रोक लगाने से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ा है।
मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया। कई स्थानीय नेताओं ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी प्रकार की कमी थी तो पहले संवाद किया जाना चाहिए था। कुछ नेताओं ने इसे धार्मिक आस्था से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कार्यक्रम को अनुमति देने की मांग की।
दूसरी ओर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की गई है। प्रशासन का कहना है कि बिना पूरी मंजूरी किसी बड़े आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती और सभी आयोजनों पर समान नियम लागू होते हैं।
घटना के बाद देर रात तक कार्यक्रम स्थल के बाहर लोगों की भीड़ जुटी रही। समर्थकों ने धार्मिक नारे लगाए, जबकि कई सामाजिक संगठनों ने प्रशासन और आयोजकों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की। फिलहाल शहर में इस पूरे मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं।



