सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
देशभर में शुक्रवार 15 मई 2026 से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी लागू कर दी गई है। सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम करीब ₹3 प्रति लीटर तक बढ़ा दिए हैं। नई कीमतें शुक्रवार सुबह 6 बजे से लागू हुईं, जिसके बाद दिल्ली, मुंबई, जयपुर, कोलकाता, चेन्नई समेत लगभग सभी बड़े शहरों में वाहन चालकों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है।
दिल्ली में पेट्रोल ₹97.77 और डीजल ₹90.67 पहुंचा
राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹94.77 से बढ़कर ₹97.77 प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल ₹87.67 से बढ़कर ₹90.67 प्रति लीटर पहुंच गया। यानी दोनों ईंधनों पर लगभग ₹3 प्रति लीटर की सीधी बढ़ोतरी हुई है। नई कीमतों के बाद रोजाना वाहन इस्तेमाल करने वाले लोगों का मासिक खर्च बढ़ने की संभावना है।
मुंबई-जयपुर समेत कई शहरों में ₹100 पार पेट्रोल
देश के कई शहरों में पेट्रोल की कीमत पहले ही ₹100 प्रति लीटर के पार थी, लेकिन नई बढ़ोतरी के बाद कई राज्यों में रेट और ऊपर पहुंच गए हैं। मुंबई, जयपुर, हैदराबाद, बेंगलुरु और राजस्थान के कई जिलों में पेट्रोल ₹108 से ₹110 प्रति लीटर के करीब बिक रहा है। वहीं कुछ इलाकों में डीजल भी ₹93 प्रति लीटर तक पहुंच गया है।
लंबे समय बाद हुआ बड़ा बदलाव
पिछले कई महीनों से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं हो रहा था। तेल कंपनियां लंबे समय तक दाम स्थिर रखे हुए थीं, लेकिन शुक्रवार को अचानक की गई बढ़ोतरी ने आम लोगों को बड़ा झटका दिया है। इसे पिछले करीब चार वर्षों की सबसे बड़ी एकमुश्त बढ़ोतरी माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर भारत पर भी पड़ा है। खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट के आसपास हालात तनावपूर्ण होने से कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है। इसी कारण तेल कंपनियों ने घरेलू बाजार में कीमतें बढ़ाने का फैसला लिया।
डीजल महंगा होने से बढ़ सकती है महंगाई
डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रक, बस और मालवाहक वाहन डीजल पर चलते हैं, ऐसे में ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ सकती है। इसका असर सब्जियों, राशन, दूध, फल और रोजमर्रा की दूसरी चीजों की कीमतों पर भी पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
ऑटो और टैक्सी किराया बढ़ने के संकेत
ईंधन महंगा होने के बाद कई शहरों में ऑटो, टैक्सी और कमर्शियल वाहन चालकों ने किराया बढ़ाने की मांग शुरू कर दी है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती लागत के बीच पुराने किराए पर काम करना मुश्किल होता जा रहा है। अगर अगले कुछ दिनों में दाम और बढ़े तो सार्वजनिक परिवहन का खर्च भी बढ़ सकता है।
आम लोगों की जेब पर सीधा असर
पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने से सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ता है। रोज ऑफिस आने-जाने वाले लोगों का खर्च बढ़ेगा, वहीं छोटे कारोबारियों और डिलीवरी सेवाओं से जुड़े लोगों की लागत भी बढ़ सकती है। सोशल मीडिया पर भी लोग लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
हर सुबह जारी होते हैं नए रेट
देश की सरकारी तेल कंपनियां इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम हर दिन सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी करती हैं। इन कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की दर, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, टैक्स और ट्रांसपोर्ट लागत का असर पड़ता है।



