सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
नई दिल्ली। मोबाइल फोन और गैजेट्स को आसान EMI पर खरीदने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। इसी बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिफॉल्ट करने वाले ग्राहकों को लेकर एक नया प्रस्ताव सामने रखा है। प्रस्ताव के अनुसार, अगर कोई ग्राहक लंबे समय तक EMI नहीं भरता है तो फाइनेंस कंपनी उसके स्मार्टफोन की कुछ सुविधाओं को अस्थायी रूप से सीमित कर सकती है।
केवल लोन पर खरीदे डिवाइस पर लागू होगा नियम
यह नियम सिर्फ उन मोबाइल फोन, टैबलेट या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर लागू होगा जिन्हें बैंक या फाइनेंस कंपनी से लोन लेकर खरीदा गया है। यानी सामान्य मोबाइल यूजर्स को इससे कोई असर नहीं पड़ेगा।
पहले नोटिस, फिर होगी तकनीकी कार्रवाई
RBI के मसौदे के अनुसार किसी भी ग्राहक पर सीधे कार्रवाई नहीं होगी। पहले भुगतान के लिए नोटिस भेजा जाएगा। लगातार किस्तें बकाया रहने और तय समय बीतने के बाद ही डिवाइस की कुछ सेवाओं को सीमित करने की प्रक्रिया अपनाई जा सकेगी।
जरूरी सेवाएं रहेंगी चालू
प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि फोन पूरी तरह बंद नहीं किया जाएगा। इमरजेंसी कॉल, OTP, सरकारी अलर्ट और जरूरी इंटरनेट सेवाएं चालू रखी जाएंगी ताकि यूजर किसी परेशानी में न फंसे।
भुगतान होते ही तुरंत बहाल होंगी सुविधाएं
यदि ग्राहक बकाया राशि जमा कर देता है तो बैंक या फाइनेंस कंपनी को तुरंत फोन की सभी सुविधाएं दोबारा चालू करनी होंगी। देरी होने पर संबंधित संस्था पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
रिकवरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की कोशिश
RBI का कहना है कि इस प्रस्ताव का उद्देश्य ग्राहकों को परेशान करना नहीं, बल्कि डिजिटल लोन रिकवरी प्रक्रिया को पारदर्शी और नियंत्रित बनाना है। साथ ही रिकवरी एजेंट्स द्वारा बदसलूकी और दबाव बनाने जैसी शिकायतों को रोकने के लिए भी नए दिशा-निर्देश तैयार किए जा रहे हैं।



