Saturday, June 6, 2026
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अमृतसर में ब्लू स्टार की बरसी: छावनी में तब्दील हुआ अमृतसर, अकाल तख्त से गूंजा सिख पंथ की एकजुटता का संदेश

सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा

अमृतसर: ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी के मौके पर पवित्र नगरी अमृतसर में एक तरफ जहां कड़े सुरक्षा पहरे के चलते सतर्कता है, वहीं दूसरी तरफ स्वर्ण मंदिर (श्री दरबार साहिब) परिसर में श्रद्धा का माहौल है। 1984 के इस सैन्य अभियान की याद में आज पूरे पंजाब, और विशेषकर अमृतसर में हाई अलर्ट जारी किया गया है। इस संवेदनशील मौके पर सिखों के सर्वोच्च तख्त श्री अकाल तख्त साहिब से पूरी कौम के लिए एक बेहद अहम और भावुक संदेश जारी किया गया है।

चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा

शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पंजाब पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों की कई कंपनियां तैनात की गई हैं। पूरा शहर और विशेष रूप से स्वर्ण मंदिर के आस-पास का इलाका एक तरह से छावनी में बदल दिया गया है। शहर में प्रवेश करने वाले सभी रास्तों पर सघन चेकिंग अभियान चल रहा है। पुलिस प्रशासन अत्याधुनिक तकनीक, सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि माहौल खराब करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।

अकाल तख्त का आह्वान: मतभेद भुलाकर एक हो कौम

इस ऐतिहासिक और दर्दनाक दिन को याद करते हुए श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने सिख समुदाय को संबोधित किया। उन्होंने 1984 के दौरान अपनी जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की। अपने संबोधन में जत्थेदार ने सबसे ज्यादा जोर ‘पंथिक एकता’ पर दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मौजूदा समय की चुनौतियों का सामना करने के लिए सिख कौम को अपने आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आना होगा। यह संदेश युवाओं को अपने इतिहास को याद रखने के साथ-साथ कौम की भलाई के लिए एकजुट होकर काम करने की नसीहत देता है।

शांतिपूर्ण तरीके से अरदास और श्रद्धांजलि

कड़ी सुरक्षा के बावजूद सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री दरबार साहिब में नतमस्तक होने पहुंच रहे हैं। परिसर के अंदर शांतिपूर्ण तरीके से पाठ और कीर्तन चल रहा है। लोग वाहेगुरु का सिमरन करते हुए और अरदास के जरिए उन लोगों को याद कर रहे हैं जिन्होंने ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान अपनी जान गंवाई थी। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) और प्रशासन दोनों ने ही लोगों से मर्यादा और शांति बनाए रखने की अपील की है।

कुल मिलाकर, अमृतसर में आज का दिन इतिहास के उन जख्मों को याद करने का है, जहां एक ओर पुलिस की मुस्तैदी शहर की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है, तो वहीं अकाल तख्त का संदेश सिख समुदाय को भविष्य के लिए मजबूत और एकजुट होने की राह दिखा रहा है।

SourceCNE NEWS
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