सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
पंजाब में सरकारी परिवहन व्यवस्था एक बार फिर संकट में आ गई है। PRTC के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों द्वारा शुरू की गई हड़ताल के कारण राज्य के 1000 से अधिक बस रूट प्रभावित हुए हैं। कई जिलों में बसों का संचालन ठप होने से यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सुबह से बस स्टैंडों पर बढ़ी भीड़
हड़ताल का असर सुबह के समय सबसे अधिक देखने को मिला। रोजाना सरकारी बसों से सफर करने वाले लोग बस स्टैंडों पर पहुंचे, लेकिन कई स्थानों पर उन्हें बसें नहीं मिलीं। बसों की कमी के कारण यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। कई बस अड्डों पर अफरा-तफरी जैसा माहौल बना रहा।
रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ा असर
सरकारी बस सेवाएं प्रभावित होने से विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों में आने-जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गईं। कई लोगों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा, जिससे यात्रा खर्च भी बढ़ गया।
मांगों को लेकर अड़े कर्मचारी
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनका आरोप है कि कई बार सरकार और विभागीय अधिकारियों के साथ बातचीत हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का स्थायी हल नहीं निकलेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
डिपो और काउंटरों पर सन्नाटा
राज्य के कई बस डिपो और टिकट काउंटरों पर सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम गतिविधियां देखने को मिलीं। जहां रोजाना दर्जनों सरकारी बसें रवाना होती थीं, वहां कई स्थानों पर बसें खड़ी नजर आईं। इससे सरकारी परिवहन व्यवस्था की स्थिति साफ दिखाई दी।
प्रशासन के सामने चुनौती
हड़ताल के कारण प्रशासन और परिवहन विभाग के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। एक तरफ कर्मचारियों की मांगों का मुद्दा है, वहीं दूसरी तरफ आम जनता को राहत पहुंचाना भी जरूरी है। विभागीय अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और सेवाओं को जल्द बहाल करने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
बातचीत से निकल सकता है समाधान
यात्रियों और कर्मचारी संगठनों की निगाहें अब सरकार और यूनियन नेताओं के बीच होने वाली संभावित बातचीत पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि यदि जल्द कोई सकारात्मक निर्णय लिया जाता है तो बस सेवाएं सामान्य हो सकती हैं। फिलहाल पंजाब के हजारों यात्री हड़ताल समाप्त होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि उनकी दैनिक आवाजाही फिर से सुचारू हो सके।



