सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
मई-जून के इस तपे हुए मौसम में उत्तर भारत की फिजा अचानक बदलने वाली है। पहाड़ों पर सक्रिय हो रहे एक बेहद शक्तिशाली मौसमी सिस्टम ने मैदानी इलाकों की तरफ रुख कर लिया है, जिसके चलते पंजाब और राजधानी चंडीगढ़ के आसमान पर बादलों का भारी डेरा जमने लगा है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अरब सागर से आ रही ठंडी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के आपसी टकराव के कारण अगले कुछ घंटों के भीतर पूरे क्षेत्र में कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। भीषण गर्मी की मार झेल रहे इस क्षेत्र में अब धूल के गुबार उठने और आसमान से ओलों की बौछार होने की पूरी संभावना बन गई है, जिसने प्रशासन से लेकर आम जनता तक की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
ट्राइसिटी समेत कई जिलों में तूफान और मूसलाधार बारिश की आशंका
इस बदलते चक्रवात का सबसे ज्यादा असर ट्राइसिटी समेत मालवा और माझा के सीमावर्ती इलाकों में देखने को मिलेगा। दोपहर बाद से ही मोहाली, चंडीगढ़ और पंचकुला के कई हिस्सों में तेज धूल भरी आंधियां चलने की आशंका जताई गई है, जिनकी रफ्तार पचास किलोमीटर प्रति घंटे से भी अधिक हो सकती है। इन तेज हवाओं के पीछे-पीछे ही गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू होगा, जो कई इलाकों को जलमग्न कर सकता है। इस मौसमी उथल-पुथल की वजह से क्षेत्र के अधिकतम तापमान में भारी गिरावट आएगी, जिससे पिछले कई दिनों से लू के थपेड़े सह रहे लोगों को तपन से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, मौसम का यह मिजाज केवल राहत ही नहीं, बल्कि अपने साथ कई तरह की चुनौतियां भी लेकर आ रहा है।
प्रशासन की सख्त चेतावनी, फसलों को लेकर बढ़ी किसानों की चिंता
अचानक होने वाली इस ओलावृष्टि और तेज तूफान को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने पूरे सूबे में अलर्ट जारी कर दिया है। हाईवे पर सफर करने वाले मुसाफिरों को विशेष रूप से आगाह किया गया है क्योंकि आंधी के दौरान दृश्यता का स्तर बेहद कम हो सकता है, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, शहरों में लगे बड़े होर्डिंग्स, बिजली के खंभों और कमजोर पेड़ों के पास खड़े होने या गाड़ियां पार्क करने की सख्त मनाही की गई है। कृषि वैज्ञानिकों ने भी ग्रामीण अंचलों में चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि इस समय होने वाली ओलावृष्टि फसलों और खुले आसमान के नीचे रखी उपज को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। फिलहाल आसमान में उमड़ते काले बादलों को देखकर ऐसा लग रहा है कि अगले दो दिनों तक चंडीगढ़ और पंजाब पूरी तरह से मॉनसून जैसी प्री-शावर की आगोश में रहने वाले हैं।



