सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
देसराज भुट्टा ने कहा कि 15 अगस्त 1947 भारत के इतिहास का सबसे गौरवपूर्ण दिन है। इसी दिन देश ने लंबे संघर्ष के बाद ब्रिटिश शासन से आजादी हासिल की और स्वतंत्र भारत की नई यात्रा शुरू हुई।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल विदेशी शासन से मुक्ति का नाम नहीं, बल्कि देशवासियों को अपने भविष्य का फैसला स्वयं करने का अधिकार मिलने का प्रतीक है। आजादी के बाद भारत ने लोकतांत्रिक मूल्यों, समानता और नागरिक अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में लगातार कदम बढ़ाए।
देसराज भुट्टा ने कहा कि 15 अगस्त हमें उन स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनके त्याग के कारण ही आज हम स्वतंत्र देश में अपने अधिकारों के साथ जीवन जी रहे हैं।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर प्रत्येक नागरिक को देश की एकता, अखंडता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए। देश की तरक्की में योगदान देना और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना ही स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने की दिशा में सच्चा योगदान है।
उन्होंने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमें आजादी के महत्व को समझते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना चाहिए।



