सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी अब संगठन को निचले स्तर तक सक्रिय करने के साथ चुनावी मुद्दों को जनता के बीच प्रभावी तरीके से पहुंचाने की तैयारी में जुट गई है। इसी सिलसिले में राहुल गांधी का पंजाब दौरा अगले 10 दिनों के भीतर प्रस्तावित बताया जा रहा है।
राहुल गांधी के दौरे को चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके साथ कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं के भी कार्यक्रमों में शामिल होने की संभावना है। हालांकि, दौरे का विस्तृत कार्यक्रम अभी सामने नहीं आया है।
चंडीगढ़ में हुई अहम बैठक
राहुल गांधी के संभावित दौरे और आगामी चुनाव की रणनीति को लेकर चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में कांग्रेस की मीडिया कोऑर्डिनेशन टीम की बैठक हुई। इसमें पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के साथ पार्टी के मीडिया से जुड़े पदाधिकारियों ने चुनावी तैयारियों पर चर्चा की।
बैठक का मुख्य फोकस चुनाव के दौरान पार्टी के संदेश को व्यवस्थित तरीके से जनता तक पहुंचाने और जिला स्तर पर मीडिया नेटवर्क तैयार करने पर रहा।
23 जिलों में नियुक्त होंगे मीडिया कोऑर्डिनेटर
कांग्रेस ने पंजाब के सभी 23 जिलों में मीडिया कोऑर्डिनेटर नियुक्त करने की योजना बनाई है। इसके जरिए पार्टी जिला स्तर पर होने वाली गतिविधियों, स्थानीय मुद्दों और कांग्रेस के चुनावी एजेंडे को मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाएगी।
पार्टी का मानना है कि विधानसभा चुनाव में केवल प्रदेश स्तर की रणनीति पर्याप्त नहीं होगी। प्रत्येक जिले और स्थानीय क्षेत्र में अलग-अलग मुद्दों को सामने लाने के लिए मजबूत संचार व्यवस्था की जरूरत है।
नशा, रोजगार और शिक्षा पर रहेगा फोकस
कांग्रेस ने चुनावी एजेंडे के लिए कुछ प्रमुख मुद्दों को भी प्राथमिकता देने के संकेत दिए हैं। इनमें पंजाब में नशे की समस्या, युवाओं के लिए रोजगार, शिक्षा और सुरक्षा जैसे विषय शामिल हैं।
पार्टी इन मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने के साथ अपनी नीतियों और प्रस्तावित योजनाओं को भी जनता के सामने रखने की तैयारी कर रही है। आने वाले समय में इन्हीं विषयों पर कांग्रेस का अभियान अधिक आक्रामक हो सकता है।
राहुल गांधी के नेतृत्व में चुनाव लड़ने का संकेत
कांग्रेस की मीडिया टीम की ओर से यह स्पष्ट संकेत दिया गया है कि पंजाब का आगामी विधानसभा चुनाव राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी के सवाल पर नेताओं ने माना कि मतभेद किसी भी राजनीतिक संगठन में हो सकते हैं, लेकिन चुनाव के दौरान संगठन की एकजुटता बेहद जरूरी होगी।
पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ समय से अंदरूनी खींचतान की खबरें सामने आती रही हैं। ऐसे में राहुल गांधी का संभावित दौरा संगठन को एक दिशा देने और नेताओं-कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।
चुनाव से पहले जमीनी नेटवर्क मजबूत करने की कोशिश
कांग्रेस की रणनीति अब प्रदेश स्तर के बड़े कार्यक्रमों के साथ-साथ बूथ और जिला स्तर पर संगठन को सक्रिय करने की दिखाई दे रही है। मीडिया टीमों की नियुक्ति इसी व्यापक तैयारी का हिस्सा मानी जा रही है।
पार्टी नेतृत्व की कोशिश है कि स्थानीय समस्याओं को तुरंत उठाया जाए और कांग्रेस की गतिविधियों को गांवों, कस्बों और शहरों तक लगातार पहुंचाया जाए। इससे चुनावी अभियान शुरू होने से पहले ही पार्टी के पक्ष में माहौल तैयार करने की कोशिश होगी।
अब राहुल गांधी के कार्यक्रम पर नजर
फिलहाल सबसे ज्यादा नजर राहुल गांधी के प्रस्तावित पंजाब दौरे पर है। अगले 10 दिनों के भीतर उनके राज्य पहुंचने की जानकारी सामने आई है। उनके दौरे के दौरान पार्टी संगठन, चुनावी मुद्दों और आगामी रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
पंजाब में 2027 का विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन कांग्रेस की तैयारियों से साफ है कि पार्टी चुनावी मैदान में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए पहले से ही सक्रिय हो गई है। आने वाले दिनों में राहुल गांधी के कार्यक्रम और जिला स्तर पर बनने वाली मीडिया टीमों की भूमिका इस अभियान को और गति दे सकती है।



