सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
जालंधर। शहर में एक कारोबारी के साथ ऐसी वारदात सामने आई है, जिसमें गाड़ी का पंचर होना उसके लिए भारी पड़ गया। अड्डा होशियारपुर स्थित भाटिया इलेक्ट्रिक स्टोर के मालिक सरण पाल सिंह के पास मौजूद करीब 10 लाख रुपये की नकदी वाला बैग पेट्रोल पंप पर उस समय गायब हो गया, जब वह अपनी गाड़ी का टायर देखने के लिए नीचे उतरे थे। घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई है, जबकि पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग से मामले की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
दुकान से घर के लिए निकले थे कारोबारी
बताया गया है कि सरण पाल सिंह दुकान का काम निपटाने के बाद अपने घर की ओर जा रहे थे। रास्ते में उनकी गाड़ी के टायर में परेशानी आ गई। पीएनबी चौक की रेड लाइट के पास पहुंचने के दौरान गाड़ी की हवा निकल गई।
गाड़ी में आई इस तकनीकी परेशानी के कारण उन्हें अपना सफर रोकना पड़ा। उन्होंने टायर की स्थिति देखने और समस्या दूर करवाने के लिए पास के केसर पेट्रोल पंप का रुख किया।
टायर में हवा पूरी तरह खत्म होने की बात सामने आई
पेट्रोल पंप पर पहुंचने के बाद पंचर ठीक करने वाले व्यक्ति ने गाड़ी के टायर को देखा। उसके अनुसार टायर में हवा पूरी तरह खत्म हो चुकी थी। इसके बाद कारोबारी अपनी गाड़ी से नीचे उतरे और पीछे की तरफ जाकर टायर देखने लगे।
बताया जा रहा है कि इसी दौरान कुछ नाबालिग वहां मौजूद थे। कारोबारी का ध्यान गाड़ी के पिछले हिस्से की तरफ होते ही कार की सीट पर रखा बैग उठा लिया गया।
कुछ ही पल में बैग लेकर निकल गए
बैग में करीब 10 लाख रुपये की नकदी बताई जा रही है। घटना के बाद संबंधित व्यक्ति मौके से निकल गए। कारोबारी को जब बैग गायब होने का पता चला तो उन्होंने तुरंत मामले की जानकारी अपने परिजनों और पुलिस को दी।
घटना की सूचना मिलते ही मामले को लेकर जांच शुरू कर दी गई। अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि इतनी बड़ी रकम वाला बैग किसने उठाया और वारदात को अंजाम देने के बाद संबंधित लोग किस दिशा में गए।
पेट्रोल पंप के कैमरे बनेंगे अहम सुराग
यह पूरी घटना पेट्रोल पंप परिसर में हुई है। ऐसे में वहां लगे सीसीटीवी कैमरे जांच के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। पेट्रोल पंप संचालकों की तरफ से भी फुटेज खंगालने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात सामने आई है।
कैमरों में अगर घटना से पहले और बाद की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं तो पुलिस को संदिग्धों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा आसपास की दुकानों और सड़क पर लगे अन्य कैमरों की फुटेज भी जांच का हिस्सा बन सकती है।
क्या पहले से थी रकम की जानकारी?
इस घटना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि कारोबारी के पास बड़ी मात्रा में नकदी मौजूद थी। अब जांच में यह पता लगाना अहम होगा कि बैग में इतनी रकम होने की जानकारी किसी को पहले से थी या घटना अचानक मौका मिलने पर की गई।
अगर सीसीटीवी फुटेज में कोई व्यक्ति कारोबारी की गतिविधियों पर नजर रखता दिखाई देता है तो पुलिस के लिए जांच का एक अलग एंगल सामने आ सकता है। वहीं अगर पूरी घटना अचानक हुई है तो आरोपियों की पहचान उनके आने-जाने के रास्ते और वाहन के आधार पर की जा सकती है।
पुलिस के सामने कई सवाल
वारदात के बाद पुलिस के सामने कई सवाल हैं। घटना में कितने लोग शामिल थे? बैग उठाने के बाद वे किस रास्ते से गए? क्या उन्होंने किसी वाहन का इस्तेमाल किया? क्या कारोबारी का पीछा किया जा रहा था? और सबसे अहम—क्या उन्हें नकदी के बारे में पहले से जानकारी थी?
इन सवालों के जवाब सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी जांच के बाद ही सामने आ पाएंगे।
कारोबारी के लिए कुछ मिनट पड़े भारी
पूरी घटना में सबसे अहम बात यह है कि कारोबारी की परेशानी की शुरुआत गाड़ी का टायर खराब होने से हुई। उन्हें शायद अंदाजा भी नहीं रहा होगा कि गाड़ी से कुछ देर के लिए नीचे उतरना इतना महंगा साबित होगा।
टायर देखने के दौरान उनका ध्यान पीछे की तरफ था और इसी मौके का फायदा उठाकर कार की सीट पर रखा बैग उठा लिया गया। कुछ ही समय में करीब 10 लाख रुपये की रकम हाथ से निकल गई।
अब पुलिस की जांच पर टिकी निगाहें
फिलहाल मामले में पुलिस की जांच जारी है। सीसीटीवी फुटेज से संदिग्धों की गतिविधियां खंगाली जा रही हैं। जांच आगे बढ़ने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वारदात को किसने अंजाम दिया और इसके पीछे कोई पूर्व योजना थी या नहीं।
पुलिस के सामने अब प्राथमिकता आरोपियों की पहचान करने के साथ-साथ लूटी गई रकम को बरामद करना भी होगी। वहीं कारोबारी से जुड़ी परिस्थितियों और घटना से पहले की गतिविधियों की भी जांच की जा सकती है।
फिलहाल इस घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि सड़क पर अचानक वाहन खराब होने या पंचर होने जैसी स्थिति में वाहन छोड़ते समय सामान और नकदी की सुरक्षा को लेकर कितनी सावधानी जरूरी है।



