पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र कल से शुरू: बेअदबी कानून, कर्मचारियों की हड़ताल और अमेरिकी व्यापार समझौते के विरोध पर हंगामे के आसार

A special session of the Punjab Legislative Assembly begins tomorrow; the House is set to witness heated debates on a range of issues, from the law on sacrilege to the employees' strike.

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सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा

चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र कल यानी 22 अक्टूबर से शुरू होकर 27 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। सत्र के पहले दिन दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी जाएगी और गैर-सरकारी कामकाज निपटाया जाएगा। इस सत्र के दौरान सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल और बेअदबी कानून से जुड़े संशोधनों को लेकर भारी हंगामे के आसार हैं।

इसके अलावा, सत्र में सरकार की ओर से केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की जा सकती है। अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में भी प्रस्ताव लाए जाने की संभावना है, क्योंकि सरकार ने इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे किसानों का समर्थन करने का वादा किया है।

सत्र का पूरा शेड्यूल (22 से 27 अक्टूबर 2026):

  • गुरुवार, 22 अक्टूबर (सुबह 11 बजे): शोक प्रस्ताव, दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि और गैर-सरकारी कामकाज।
  • शुक्रवार, 23 अक्टूबर (सुबह 10 बजे): सरकारी कामकाज।
  • शनिवार (24 अक्टूबर) और रविवार (25 अक्टूबर): अवकाश।
  • सोमवार, 26 अक्टूबर: राजपत्रित अवकाश।
  • मंगलवार, 27 अक्टूबर (दोपहर 2 बजे): विधायी कामकाज और नियम 16 के तहत सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने संबंधी प्रस्ताव।

वर्ष 2026 में पंजाब विधानसभा के प्रमुख सत्र और अहम मुद्दे:

साल 2026 के दौरान अब तक बजट सत्र, दो विशेष सत्र और मानसून सत्र आयोजित किए गए हैं, जिनमें कई बड़े फैसले लिए गए:

  • बजट सत्र (6 से 16 मार्च 2026): पंजाब विधानसभा का 12वां सत्र 6 मार्च से शुरू हुआ, जिसमें वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 8 मार्च को बजट पेश किया। सत्र के दौरान 7 विधेयकों को मंजूरी मिली, हालांकि विपक्ष ने राज्य के कर्ज, कानून-व्यवस्था और किसानों के मुद्दों पर सरकार को घेरा।
  • पहला विशेष सत्र (13 अप्रैल 2026): बैसाखी के अवसर पर बुलाए गए एक दिवसीय विशेष सत्र में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी रोकने के लिए सख्त कानून से जुड़े विधेयक पर चर्चा हुई और इसे पारित किया गया।
  • दूसरा विशेष सत्र (1 मई 2026): मजदूर दिवस पर बुलाए गए इस सत्र में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सरकार का बहुमत साबित करने के लिए विश्वास प्रस्ताव पेश किया, जो आम आदमी पार्टी के 88 विधायकों के समर्थन से पारित हुआ। इसी दिन न्यूनतम दैनिक मजदूरी 483 रुपये से बढ़ाकर 555.45 रुपये करने की घोषणा की गई थी।
  • मानसून सत्र (3 से 10 अगस्त 2026): विधानसभा के 13वें सत्र के अंतिम दिन कर व्यवस्था, कर्मचारियों से जुड़े प्रावधान, पेड़ों के संरक्षण और निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से संबंधित 9 विधेयक पारित किए गए।

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