सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
जालंधर। आम आदमी पार्टी ने जालंधर कैंट विधानसभा क्षेत्र में संगठन की जिम्मेदारी बदलते हुए दीपक बाली को हलका इंचार्ज बनाया है। इस फैसले के बाद क्षेत्र की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पार्टी के इस कदम को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले स्थानीय संगठन को सक्रिय करने और राजनीतिक गतिविधियों को गति देने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, नियुक्ति के पीछे पार्टी नेतृत्व की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है।
कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व में बदलाव का भी असर
जालंधर कैंट की राजनीति में इस समय कांग्रेस की गतिविधियां भी महत्वपूर्ण हैं। क्षेत्र के विधायक परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान मिलने के बाद उनके लिए प्रदेश स्तर की जिम्मेदारियों के साथ अपने विधानसभा क्षेत्र में संगठनात्मक पकड़ बनाए रखना भी अहम रहेगा। दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी ने दीपक बाली को जिम्मेदारी देकर कैंट में अपनी गतिविधियों को नए सिरे से व्यवस्थित करने का फैसला किया है।
2022 के चुनाव में कांग्रेस और आप के बीच रहा था मुकाबला
पिछले विधानसभा चुनाव के आंकड़े इस क्षेत्र में दोनों दलों की स्थिति को समझने का आधार देते हैं। वर्ष 2022 में परगट सिंह ने 40,816 वोट हासिल करके जीत दर्ज की थी, जबकि आम आदमी पार्टी के सुरिंदर सिंह सोढ़ी को 35,008 वोट मिले थे। दोनों उम्मीदवारों के बीच 5,808 वोटों का अंतर रहा। शिरोमणि अकाली दल के जगबीर सिंह बराड़ को 27,387 और भाजपा के सरबजीत सिंह मक्कड़ को 15,946 वोट मिले थे। आगामी चुनाव में इन दलों की तैयारियों और उम्मीदवारों के चयन से मुकाबले की दिशा तय होगी।
दीपक बाली के सामने संगठन को सक्रिय करने की जिम्मेदारी
दीपक बाली को अब कैंट क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ तालमेल बनाने, स्थानीय स्तर पर संगठन की गतिविधियां बढ़ाने और लोगों से जुड़े मुद्दों को उठाने की जिम्मेदारी निभानी होगी। पार्टी के लिए यह भी महत्वपूर्ण रहेगा कि विभिन्न नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय कायम रहे। हलका इंचार्ज की नियुक्ति अपने आप में विधानसभा टिकट की घोषणा नहीं है। इसलिए यह स्पष्ट होना बाकी है कि 2027 के चुनाव में पार्टी किसे उम्मीदवार बनाएगी।
राजविंदर कौर थियाड़ा की भूमिका पर नजर
राजविंदर कौर थियाड़ा को हलका इंचार्ज की जिम्मेदारी से हटाए जाने के बाद पार्टी के स्थानीय ढांचे में बदलाव हुआ है। इससे पहले उन्हें जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरपर्सन पद से भी हटाया गया था। अब नए नेतृत्व के साथ पार्टी क्षेत्र में किस तरह काम करती है और थियाड़ा को आगे कोई दूसरी जिम्मेदारी दी जाती है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।
स्थानीय समस्याओं पर भी रहेगी राजनीतिक नजर
कैंट क्षेत्र में सड़कें, सीवरेज, जलभराव, सफाई, स्ट्रीट लाइट और गांवों के विकास जैसे मुद्दे स्थानीय राजनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं। आने वाले महीनों में राजनीतिक दलों की ओर से इन समस्याओं को लेकर उठाए जाने वाले कदम और जनता के बीच उनकी सक्रियता चर्चा का विषय रहेंगे।
टिकट के फैसले तक जारी रहेंगी अटकलें
दीपक बाली की नियुक्ति के बाद उनकी भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हैं, लेकिन उम्मीदवार संबंधी अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान को करना है। ऐसे में फिलहाल इस बदलाव को संगठनात्मक नियुक्ति के रूप में देखना उचित होगा। आगामी चुनाव से पहले पार्टी की गतिविधियां, स्थानीय नेताओं के बीच तालमेल और क्षेत्र के मुद्दों पर उसका काम जालंधर कैंट की राजनीति के प्रमुख पहलू रहेंगे।



