नशा, किसानों की समस्याएं और युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार नहीं, पंजाब सरकार को घेरने की तैयारी में कांग्रेस
सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
संगरूर। पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक दलों ने अपनी गतिविधियां तेज करनी शुरू कर दी हैं। इसी बीच कांग्रेस की ओर से 4 नवंबर को संगरूर में ‘इंसाफ रैली’ आयोजित की जा रही है, जिसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शामिल होंगे। इस रैली के माध्यम से कांग्रेस प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक हालात और जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है।
कांग्रेस की रणनीति इस कार्यक्रम को राज्य स्तर पर अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने के अवसर के रूप में इस्तेमाल करने की है। पार्टी नेताओं की ओर से पंजाब के अलग-अलग क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं और समर्थकों को रैली में शामिल होने का आह्वान किया जा रहा है।
जनता से जुड़े सवालों को बनाएगी राजनीतिक मुद्दा
पंजाब में नशे की समस्या, बेरोजगारी, किसानों की मुश्किलें और कानून-व्यवस्था जैसे विषय लंबे समय से राजनीतिक बहस का हिस्सा रहे हैं। कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार की जवाबदेही तय करने की कोशिश करेगी। पार्टी का मानना है कि इन सवालों पर जनता के बीच चर्चा को तेज करके सरकार की नीतियों और कामकाज को लेकर अपना पक्ष रखा जा सकता है।
मालवा क्षेत्र पर कांग्रेस की नजर
संगरूर मालवा क्षेत्र का अहम हिस्सा है और यहां की राजनीतिक गतिविधियों का असर राज्य की चुनावी राजनीति पर भी पड़ता है। ऐसे में राहुल गांधी की रैली को क्षेत्र में कांग्रेस की मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी के सामने जहां अपने समर्थक वर्ग को सक्रिय रखने की चुनौती है, वहीं विभिन्न क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करना भी प्राथमिकता है।
चुनावी तैयारी के लिहाज से अहम कार्यक्रम
विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपने मुद्दों और जनसंपर्क गतिविधियों पर काम शुरू कर दिया है। संगरूर की रैली में कांग्रेस प्रदेश सरकार के खिलाफ अपना राजनीतिक एजेंडा सामने रख सकती है। रैली में नेताओं के संबोधन और जनता की भागीदारी पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी। इससे यह भी संकेत मिल सकता है कि कांग्रेस आने वाले महीनों में पंजाब में अपने अभियान को किस दिशा में आगे बढ़ाएगी।



