सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
पंजाब के पटियाला जिले के राजपुरा-शंभू रेलवे सेक्शन पर हुए धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। अंबाला-अमृतसर फ्रेट कॉरिडोर पर हुआ यह विस्फोट किसी बड़े आतंकी हमले की कोशिश माना जा रहा है, जो समय रहते नाकाम हो गई।
मालगाड़ी गुजरने के बाद हुआ धमाका
घटना के समय ट्रैक से मालगाड़ी गुजर रही थी। विस्फोट के बाद लोको पायलट को तेज झटका महसूस हुआ, जिसके बाद उसने तुरंत अधिकारियों को जानकारी दी। इसी कारण शुरुआती प्रतिक्रिया में थोड़ी देरी हुई, लेकिन सूचना मिलते ही सुरक्षा टीमें मौके पर पहुंच गईं।

ट्रैक के पास मिला शव, हमलावर होने का शक
जांच के दौरान रेलवे ट्रैक के पास एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ। उसकी पहचान तरनतारन के पंजवड़ गांव निवासी जगरूप सिंह के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि वही विस्फोटक लगाने आया था और धमाके की चपेट में आकर उसकी मौत हो गई।
मोबाइल और टिकट से मिले अहम सुराग
मृतक के पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और सरहिंद से राजपुरा तक की यात्रा टिकट मिली है। इसके अलावा अमृतसर में उसकी बाइक पार्क करने की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है। पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है।

विदेशी साजिश की आशंका, पाकिस्तान एंगल पर फोकस
रेलवे की स्पेशल डीजीपी शशि प्रभा द्विवेदी ने घटनास्थल का दौरा कर कहा कि मामले में विदेशी साजिश से इनकार नहीं किया जा सकता। जांच एजेंसियां पाकिस्तान कनेक्शन को ध्यान में रखते हुए पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।
धमकी वाले ईमेल से जुड़ रहे तार
हाल ही में रेलवे ट्रैक उड़ाने की धमकी वाला एक ईमेल मिला था, जिसमें पंजाब, हरियाणा और अंबाला-दिल्ली रूट का जिक्र था। अब जांच एजेंसियां इस धमाके को उसी धमकी से जोड़कर देख रही हैं।
दो संदिग्ध हिरासत में, कई एजेंसियां सक्रिय
पुलिस ने मामले में दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। घटनास्थल के पास से यूपी और हरियाणा नंबर की दो मोटरसाइकिलें भी बरामद हुई हैं। GRP, रेलवे पुलिस और अन्य एजेंसियां मिलकर पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हैं।
पहले भी हो चुका है ऐसा धमाका
इससे पहले जनवरी में सरहिंद के पास रेलवे ट्रैक पर विस्फोट हुआ था, जिसमें मालगाड़ी का इंजन पटरी से उतर गया था और लोको पायलट घायल हुआ था। इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे।
परिवार और विदेशी कनेक्शन की जांच
पुलिस के अनुसार, जगरूप सिंह पहले दुबई में रह चुका था और वापस लौटने के बाद निहंग वेश में रहने लगा था। वह शादीशुदा था और उसकी दो बेटियां हैं। उसके परिवार और संपर्कों की भी गहन जांच की जा रही है।
राजनीति तेज, सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार पर सुरक्षा में चूक के आरोप लगाए हैं। वहीं सरकार पर महत्वपूर्ण रेलवे ढांचे की सुरक्षा और मजबूत करने का दबाव बढ़ गया है।
मरम्मत जारी, इलाके में हाई अलर्ट
धमाके से क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना को रोका जा सके।



