सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो चुकी है। इसी बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारत से जुड़ा एलपीजी टैंकर ‘सर्व शक्ति’ इस संवेदनशील समुद्री मार्ग को सुरक्षित पार करने में सफल रहा है और अब देश की ओर बढ़ रहा है।
मरीन ट्रैफिक के आंकड़ों के अनुसार, यह टैंकर करीब 45,000 टन एलपीजी लेकर भारत आ रहा है। जहाज लारक द्वीप और क़ेश्म द्वीप के पास से गुजरते हुए ओमान की खाड़ी में प्रवेश कर चुका है। जहाज पर 18 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार हैं और इसका गंतव्य विशाखापत्तनम का एलएनजी टर्मिनल है।
यह जहाज मार्शल आइलैंड्स के झंडे के तहत संचालित होता है और पहले भी पर्शियन गल्फ और भारत के बीच कई बार आवाजाही कर चुका है। जानकारी के मुताबिक, ‘सर्व शक्ति’ को दुबई के पास जहाज-से-जहाज ट्रांसफर के जरिए गैस मिली थी, हालांकि इसके मूल स्रोत की पुष्टि नहीं हो सकी है। आमतौर पर हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने में 10 से 14 घंटे का समय लगता है।
भारत, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी उपभोक्ता है, इस समय मिडिल ईस्ट में सप्लाई बाधित होने के कारण दबाव में है। देश के कई हिस्सों में गैस की कमी, लंबी कतारें और सीमित वितरण जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। ऐसे में ‘सर्व शक्ति’ का सुरक्षित पहुंचना बड़ी राहत माना जा रहा है।
वहीं, वेस्ट एशिया में तनावपूर्ण हालात के बीच भारत सरकार ने कूटनीतिक प्रयास तेज किए हैं। ईरान के साथ समन्वय बनाकर अब तक 8 एलपीजी टैंकरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। इसके अलावा घरेलू उत्पादन बढ़ाकर 54,000 टन प्रतिदिन कर दिया गया है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, फिलहाल देश में एलपीजी की खपत घटकर लगभग 80,000 टन प्रतिदिन रह गई है।
इस घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि वैश्विक तनाव के बीच भी भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है।



