सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
चंडीगढ़। पंजाब में निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राज्य के 105 शहरी निकायों में 26 मई को मतदान कराया जाएगा। चुनाव की तारीख नजदीक आते ही विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार अभियान शुरू कर दिया है, जबकि प्रशासन ने भी निष्पक्ष मतदान को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं।
राज्य चुनाव आयोग की ओर से चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए अलग-अलग जिलों में वरिष्ठ अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये अधिकारी मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं, सुरक्षा प्रबंधों और चुनावी गतिविधियों पर नजर रखेंगे। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों की पहचान कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की तैयारी की जा रही है।
निकाय चुनावों में इस बार शहरों की सफाई व्यवस्था, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, टूटी सड़कें और विकास कार्य बड़े मुद्दे बनकर उभर रहे हैं। कई जगहों पर स्थानीय नेताओं के बीच टिकट को लेकर भी खींचतान देखने को मिल रही है। राजनीतिक दल घर-घर जाकर लोगों से समर्थन मांग रहे हैं और सोशल मीडिया के जरिए भी प्रचार अभियान चलाया जा रहा है।
चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए कर्मचारियों की ट्रेनिंग शुरू कर दी है। इसके साथ ही मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ करवाए जाएंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि निकाय चुनावों के नतीजे आने वाले समय में पंजाब की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। यही वजह है कि सभी प्रमुख पार्टियां चुनाव को प्रतिष्ठा का मुकाबला मानकर मैदान में उतरी हैं।



