सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
देश में बढ़ते डॉग बाइट मामलों और लोगों की सुरक्षा को लेकर Supreme Court of India ने बड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या आम लोगों के लिए खतरा बन रही है और इस समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसी के साथ अदालत ने डॉग लवर्स की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें हटाए गए कुत्तों को फिर से उसी इलाके में छोड़ने की मांग की गई थी।
स्कूलों और अस्पतालों के आसपास बढ़ी चिंता
सुनवाई के दौरान अदालत के सामने ऐसे कई मामलों का जिक्र किया गया, जहां स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों पर आवारा कुत्तों ने हमला किया। कोर्ट ने कहा कि अस्पताल, पार्क, बस स्टैंड और बाजार जैसे इलाकों में लोगों की सुरक्षा सबसे अहम है।
कोर्ट बोला- प्रशासन को जिम्मेदारी निभानी होगी
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और नगर निगमों को निर्देश देते हुए कहा कि केवल कागजी योजनाओं से काम नहीं चलेगा। स्थानीय प्रशासन को आवारा कुत्तों की पहचान, पकड़ने, टीकाकरण और शेल्टर व्यवस्था पर गंभीरता से काम करना होगा।
नसबंदी के बाद वापस छोड़ने की मांग ठुकराई
पशु अधिकार संगठनों की तरफ से दलील दी गई कि नसबंदी और वैक्सीनेशन के बाद कुत्तों को उसी इलाके में वापस छोड़ा जाना चाहिए, लेकिन अदालत ने इसे मानने से इनकार कर दिया। कोर्ट का कहना था कि पहले लोगों की जान और सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।
शहरों में चल सकते हैं विशेष अभियान
कोर्ट की सख्ती के बाद कई राज्यों में नगर निकाय अब विशेष अभियान चलाने की तैयारी में हैं। भीड़भाड़ वाले इलाकों, स्कूलों और बाजारों के आसपास से आवारा कुत्तों को हटाने के लिए नई रणनीति बनाई जा रही है।
डॉग बाइट मामलों पर जताई चिंता
अदालत ने यह भी माना कि देश में डॉग बाइट के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और कई घटनाओं में बच्चों की मौत तक हो चुकी है। कोर्ट ने कहा कि लोगों को हर दिन डर के माहौल में जीने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।



