सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
जालंधर में सोमवार सुबह उस समय हलचल मच गई जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कई टीमें एक प्रसिद्ध चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के आवास और कार्यालय पर जांच के लिए पहुंच गईं। अधिकारियों ने एक साथ विभिन्न ठिकानों पर कार्रवाई शुरू करते हुए दस्तावेजों, कंप्यूटर रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े विवरणों की जांच की।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई मनी ट्रेल और कुछ वित्तीय मामलों से जुड़े इनपुट के आधार पर की गई। जांच एजेंसी के अधिकारी सुबह से देर शाम तक रिकॉर्ड खंगालते रहे। कार्रवाई के दौरान परिसर में आने-जाने वालों पर भी नजर रखी गई और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लिए गए।
बताया जा रहा है कि जांच का दायरा केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे जुड़े कुछ कारोबारी लेन-देन भी एजेंसी के रडार पर हैं। इसी कारण टीम ने आवास के साथ-साथ कार्यालय और अन्य संबंधित स्थानों की भी जांच की। हालांकि ED की ओर से अभी तक मामले को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने जांच एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्तापक्ष का कहना है कि कानून के अनुसार जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई होना स्वाभाविक है।
फिलहाल ED की जांच जारी है और एजेंसी द्वारा जुटाए गए दस्तावेजों की पड़ताल के बाद ही मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



