सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
होशियारपुर। जिले के बाड़ियां कलां गांव में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाए जाने के बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब मौके पर मौजूद भाजपा और बसपा से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी के बाद हाथापाई शुरू हो गई। इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता विजय सांपला भी चोटिल हो गए। पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया और मौके पर अतिरिक्त बल तैनात कर दिया।
प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने के बाद जुटे थे लोग
पुलिस के अनुसार, मंगलवार तड़के गांव की अनाज मंडी के पास स्थापित डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को अज्ञात लोगों ने पत्थर मारकर नुकसान पहुंचाया था। घटना में प्रतिमा के चेहरे और उठे हुए हाथ की एक अंगुली को क्षति पहुंचने की बात सामने आई है। सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोगों और अनुसूचित जाति संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए थे।
प्रदर्शन के दौरान बिगड़ा माहौल
इसी घटना के विरोध में जुटे लोगों के बीच किसी बात को लेकर भाजपा और बसपा समर्थकों में विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते स्थिति धक्का-मुक्की और हाथापाई तक पहुंच गई। पंजाब न्यूजलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, इसी दौरान विजय सांपला के साथ भी कथित तौर पर धक्का-मुक्की हुई और उन पर माइक्रोफोन से वार किए जाने की बात सामने आई। रिपोर्ट में उनके नाक के पास चोट लगने और गर्दन पर खरोंच आने का उल्लेख है।
पुलिस ने संभाली स्थिति
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव करते हुए दोनों पक्षों को अलग किया। बाद में गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि स्थिति दोबारा न बिगड़े। पुलिस अब प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के साथ-साथ प्रदर्शन के दौरान हुए विवाद में शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने वाले आरोपियों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर घटना से संबंधित एक वीडियो भी सामने आया है, जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस ने फिलहाल प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने वाले लोगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।
18 सितंबर को बसपा का प्रदर्शन
घटना के बाद बसपा पंजाब अध्यक्ष डॉ. अवतार सिंह करीमपुरी ने भी गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था। उन्होंने प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की घटना के विरोध में 18 सितंबर को होशियारपुर में प्रदर्शन करने की घोषणा की है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।



