सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह 11 अक्टूबर को प्रदेश कांग्रेस की जिम्मेदारी औपचारिक रूप से संभालेंगे। नई जिम्मेदारी संभालने से पहले ही उन्होंने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित महंगाई भत्ते को लेकर भगवंत मान सरकार को घेरा है। परगट सिंह ने कहा कि सरकार को अब केवल बयान देने के बजाय DA के भुगतान को लेकर स्पष्ट कार्ययोजना सामने रखनी चाहिए।
हाईकोर्ट की कार्रवाई को बताया गंभीर संकेत
परगट सिंह ने DA से जुड़े मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से मुख्य सचिव को जारी अवमानना नोटिस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अदालत तक मामला पहुंचना यह दर्शाता है कि कर्मचारियों और सरकार के बीच इस मुद्दे का समाधान समय रहते नहीं हो सका।
कर्मचारियों को भुगतान की तारीख बताने की मांग
कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से पूछा कि लंबित DA को लेकर सरकार की वास्तविक स्थिति क्या है। उन्होंने मांग की कि कर्मचारियों और पेंशनरों को यह बताया जाए कि बकाया राशि के भुगतान के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जा रही है और उन्हें उनका वित्तीय लाभ कब तक मिलेगा।
कानूनी दलीलों से नहीं चलेगा काम
परगट सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से अदालत में चल रही प्रक्रिया का हवाला दिया जा सकता है, लेकिन इससे कर्मचारियों की चिंता खत्म नहीं होती। उनके मुताबिक सरकार को कानूनी पक्ष के साथ-साथ कर्मचारियों के आर्थिक हित को भी प्राथमिकता देनी चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष बनने से पहले उठाया कर्मचारियों का मुद्दा
परगट सिंह के 11 अक्टूबर को पदभार संभालने से पहले DA का मुद्दा उठाने को कांग्रेस की आगामी रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि प्रदेश कांग्रेस सरकार के खिलाफ कर्मचारियों, पेंशनरों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी।
बोले- हक के लिए आवाज उठाती रहेगी कांग्रेस
परगट सिंह ने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों के वित्तीय अधिकारों के मामले में कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि लंबित DA पर स्थिति स्पष्ट करने के साथ भुगतान को लेकर ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि कर्मचारियों को बार-बार अपने हक के लिए संघर्ष न करना पड़े।



