सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने अभी से चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने विपक्षी दलों से पहले अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित करने की रणनीति बनाई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को ऐलान किया कि पार्टी 31 अक्टूबर को उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करेगी। इसके लिए दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के बीच लंबी बैठक हुई, जिसमें संभावित प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा की गई।
केजरीवाल और सिसोदिया के साथ हुई बैठक
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को दिल्ली में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब मामलों के प्रभारी मनीष सिसोदिया के साथ बैठक की। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति और 117 सीटों पर संभावित उम्मीदवारों को लेकर विचार-विमर्श किया गया। पंजाब AAP के अध्यक्ष अमन अरोड़ा और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल हुए। बैठक के बाद मान ने बताया कि जिन नामों पर सहमति बनी है, उन्हें पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) के सामने रखा जाएगा।
सुबह 11 बजे PAC की बैठक, दोपहर 12 बजे सूची का ऐलान
मुख्यमंत्री के मुताबिक, शनिवार सुबह 11 बजे पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक होगी। इसमें संभावित उम्मीदवारों के नामों को अंतिम मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे पहली सूची सार्वजनिक की जा सकती है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, पहली सूची में 15 से 20 उम्मीदवारों के नाम शामिल होने की संभावना है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने उम्मीदवारों की संख्या को लेकर कोई निश्चित आंकड़ा नहीं दिया है।
सर्वे और जनता की राय से तय होंगे टिकट
इस बार पार्टी उम्मीदवारों के चयन में जनता की राय और जीतने की संभावना को प्रमुख आधार बनाने जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि मौजूदा विधायकों को उनके पद के आधार पर दोबारा टिकट मिलने की गारंटी नहीं है। पार्टी यह देखेगी कि संबंधित विधायक ने अपने क्षेत्र में कितना काम किया है और जनता उनके प्रदर्शन से कितनी संतुष्ट है। सर्वे में मिले फीडबैक के आधार पर ही उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
दो बार जीतने वाले विधायकों को भी नहीं मिलेगी गारंटी
पार्टी के भीतर इस बात को लेकर भी चर्चा है कि जिन विधायकों ने लगातार दो चुनाव जीते हैं, उन्हें तीसरी बार मौका दिया जाए या नहीं। मान ने कहा कि किसी भी विधायक को केवल दो बार चुनाव जीतने के आधार पर टिकट मिलने की गारंटी नहीं है। यदि जनता का फीडबैक उनके पक्ष में रहता है और लोग उनके काम से संतुष्ट हैं तो उन्हें दोबारा मौका मिल सकता है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पार्टी के आंतरिक सर्वे में प्रतिकूल प्रतिक्रिया मिलने के कारण 30 से 45 मौजूदा विधायकों के टिकट खतरे में बताए जा रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है।
विकास कार्यों को चुनावी मुद्दा बनाएगी AAP
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी अपने पांच साल के कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों को लेकर जनता के बीच जाएगी। बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, सड़कें और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों को चुनाव प्रचार में प्रमुखता दी जाएगी। पार्टी का जोर सकारात्मक राजनीति पर रहेगा और जनता से सरकार के कामकाज के आधार पर समर्थन मांगा जाएगा।
विपक्ष से पहले प्रत्याशी घोषित करने की रणनीति
पंजाब में विधानसभा की कुल 117 सीटें हैं और मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2027 में समाप्त होना है। चुनाव फरवरी-मार्च 2027 के आसपास होने की संभावना है, हालांकि निर्वाचन आयोग ने अभी चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं किया है। AAP की रणनीति है कि उम्मीदवारों के नाम पहले घोषित कर उन्हें अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार और संगठन मजबूत करने का पर्याप्त समय दिया जाए। पार्टी पहले भी चुनाव से काफी पहले प्रत्याशियों की घोषणा करने की नीति अपनाती रही है।
अकाली दल-भाजपा गठबंधन पर भी साधा निशाना
दिल्ली में बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के संभावित गठबंधन को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने दोनों दलों पर तंज कसते हुए कहा कि जीरो में जीरो जोड़ने या गुणा करने से भी परिणाम जीरो ही रहता है। मान ने सवाल उठाया कि यदि दोनों दल साथ आते हैं तो पंजाब को नशामुक्त बनाने के मुद्दे पर उनकी राजनीति किस तरह आगे बढ़ेगी। इस बयान के साथ मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा।



