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814वाँ उर्स-ए-ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ : सर्व धर्म समभाव, राष्ट्र सर्वोपरि और इंसानियत का सशक्त संदेश –डॉ सूफी राज जैन

CENTRE NEWS EXPRESS (31 DECEMBER DESRAJ)

अजमेर शरीफ़ में आयोजित 814वें उर्स-ए-ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ रहमतुल्लाह अलैह के पावन अवसर पर सर्व धर्म ख़्वाजा मंदिर एवं सूफ़ी इस्लामिक बोर्ड की ओर से ख़िदमत-ए-ख़ल्क़ (मानव सेवा) का एक व्यापक, अनुकरणीय और प्रेरणादायक सेवा अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस आयोजन का मूल उद्देश्य सर्व धर्म समभाव को सुदृढ़ करना तथा यह संदेश देना रहा कि सबसे पहले राष्ट्र, और इंसानियत —यही हमारी सबसे बड़ी पहचान और जिम्मेदारी है।

इस सेवा अभियान में पंजाब से सर्व धर्म ख़्वाजा मंदिर ने विशेष रूप से भाग लेते हुए अजमेर में देशभर से आए ज़ायरीन और श्रद्धालुओं की निःस्वार्थ सेवा कर महत्वपूर्ण योगदान दिया। यह संपूर्ण सेवा कार्य डॉ. सूफ़ी राज जैन जी (संस्थापक एवं अध्यक्ष, सर्व धर्म ख़्वाजा मंदिर तथा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष – उत्तर भारत क्षेत्र, सूफ़ी इस्लामिक बोर्ड) के मार्गदर्शन और नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिनकी सोच और दिशा सदैव राष्ट्र, इंसानियत और सर्वधर्म सद्भाव को केंद्र में रखती है।

उर्स के दौरान अजमेर शरीफ़ दरगाह कमेटी के माननीय नाज़िम साहब बिलाल ख़ान, असिस्टेंट नाज़िम डॉ. आदिल साहब तथा अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग के लिए सर्व धर्म ख़्वाजा मंदिर एवं सूफ़ी इस्लामिक बोर्ड की ओर से हार्दिक आभार एवं कृतज्ञता व्यक्त की जाती है, जिनके सहयोग से यह सेवा अभियान सुचारु रूप से संभव हो सका।उर्स मुबारक के अवसर पर दरगाह शरीफ़ में मानव सेवा का अवसर मिलना हम सभी के लिए गर्व और सौभाग्य की बात है।

देश के विभिन्न राज्यों से आए ज़ायरीन की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ठहराव, लंगर, शरबत वितरण, चिकित्सा सहायता, स्वच्छता, यातायात एवं मार्गदर्शन जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ की गईं।इस पावन सेवा कार्य में सर्व धर्म ख़्वाजा मंदिर एवं सूफ़ी इस्लामिक बोर्ड के लगभग 300 से अधिक सदस्यों ने सहभागिता की। भारत के विभिन्न राज्यों से आए ये सभी सेवादार विभिन्न धर्मों का प्रतिनिधित्व करते हुए केवल इंसानियत को केंद्र में रखकर कंधे से कंधा मिलाकर निःस्वार्थ भाव से सेवा में जुटे रहे।

यह अपने आप में सर्व धर्म समभाव और राष्ट्रीय एकता का जीवंत उदाहरण रहा।यह सेवा अभियान अमन, मोहब्बत, भाईचारे और सर्वधर्म सद्भाव की महान भारतीय परंपरा का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा। संस्था की ओर से सभी समर्पित सेवादारों और टीम सदस्यों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया जाता है, जिनके त्याग, अनुशासन और सेवा भावना से यह आयोजन ऐतिहासिक रूप से सफल रहा।

इस अवसर पर मंसूर ख़ानअध्यक्ष, सूफ़ी इस्लामिक बोर्डतथा डॉ. सूफ़ी राज जैनसंस्थापक एवं अध्यक्ष, सर्व धर्म ख़्वाजा मंदिर के नेतृत्व और सुव्यवस्थित प्रबंधन में यह आयोजन सफलता की नई ऊँचाइयों तक पहुँचा और समाज में यह स्पष्ट संदेश गया कि राष्ट्र सबसे पहले है, इंसानियत सर्वोपरि है और सभी धर्म समान हैं।अंत में दुआ है कि हज़ूर ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ (र.अ.) का करम सदा बना रहे, वे हमें बार-बार ख़िदमत-ए-ख़ल्क़ का अवसर प्रदान करें और अपनी रहमत व बरकत से समस्त मानवता को नवाज़ते रहें।

ViaCNE
SourceCNE
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