सेंटर न्यूज़ एक्सप्रेस। जालंधर
पंजाब में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत जालंधर में प्रशासन ने एक बार फिर सख्ती दिखाते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने एक कुख्यात नशा तस्कर के कब्जे वाले अवैध ढांचे को पूरी तरह ढहा दिया। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों के बीच प्रशासन की सख्ती को लेकर चर्चा तेज हो गई।
अचानक दबिश से मचा हड़कंप
सुबह के समय पुलिस और नगर निगम की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से बाबा दीप सिंह नगर इलाके में छापेमारी की। यह स्थान लंबे समय से एक चर्चित तस्कर के नियंत्रण में बताया जा रहा था। टीम के पहुंचते ही इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। किसी भी तरह के विरोध की आशंका को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
अवैध कब्जे पर चला बुलडोजर
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि आरोपी ने सरकारी जमीन पर गैरकानूनी तरीके से निर्माण कर रखा था। इसके बाद बिना देरी किए नगर निगम की मशीनरी को मौके पर बुलाया गया और बुलडोजर चलाकर पूरे ढांचे को गिरा दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने वालों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
कई मामलों में शामिल है आरोपी
पुलिस के अनुसार, दलीप सिंह उर्फ लाडा लंबे समय से नशा तस्करी के मामलों में लिप्त रहा है। उसके खिलाफ पहले से कई केस दर्ज हैं, जिनमें अधिकतर एनडीपीएस एक्ट के तहत हैं। इसके अलावा कानून के उल्लंघन से जुड़े अन्य मामले भी उसके खिलाफ दर्ज बताए जा रहे हैं।
चेतावनी के बावजूद नहीं माना
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को अवैध निर्माण हटाने के लिए पहले कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन उसने प्रशासन के आदेशों को नजरअंदाज किया। बार-बार चेतावनी के बावजूद सहयोग न मिलने पर अंततः सख्त कार्रवाई का रास्ता अपनाया गया।
कड़ी सुरक्षा में पूरा हुआ ऑपरेशन
पूरी कार्रवाई के दौरान इलाके को पुलिस ने चारों तरफ से घेर लिया था। अधिकारियों की निगरानी में पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्वक पूरी की गई, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर इकट्ठा हो गए और कार्रवाई को देखते रहे।
नशा कारोबारियों के लिए सख्त संदेश
प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले समय में ऐसे तत्वों के खिलाफ और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
जालंधर में हुई यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि सरकार अब नशे के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के मूड में है और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के लिए आगे का समय और मुश्किल हो सकता है।



