सेंटर न्यूज़ एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
दिल्ली के मधु विहार इलाके में चल रहे एक बड़े फर्जी मैन्युफैक्चरिंग रैकेट का पुलिस ने खुलासा किया है। क्राइम ब्रांच और साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक ऐसी अवैध यूनिट पकड़ी गई, जहां नामी कंपनियों के प्रोडक्ट्स की नकली कॉपी तैयार कर बाजार में उतारी जा रही थी।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी बेहद शातिर तरीके से काम कर रहे थे। उन्होंने दो फ्लैट किराए पर लेकर उन्हें मिनी फैक्ट्री में बदल दिया था, जहां मशीनों की मदद से पैकिंग और प्रोडक्शन किया जाता था। खास बात यह थी कि तैयार किए गए प्रोडक्ट्स की पैकेजिंग बिल्कुल असली जैसी बनाई जाती थी, जिससे ग्राहकों को फर्क समझना मुश्किल हो जाता था।
रेड के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में नकली पाउडर, हजारों पैकेट, सैशे, केमिकल ड्रम और पैकिंग का सामान बरामद किया। अनुमान है कि जब्त माल की कीमत करीब 20 लाख रुपये है। मौके से प्रोडक्शन में इस्तेमाल होने वाली मशीनें भी कब्जे में ली गई हैं।
पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि यह गिरोह संगठित तरीके से काम कर रहा था और तैयार माल को अलग-अलग राज्यों में सप्लाई किया जाता था। गिरोह का सरगना उत्तराखंड से पकड़ा गया, जबकि एक अन्य सहयोगी को दिल्ली से हिरासत में लिया गया।
प्रारंभिक जांच में यह भी साफ हुआ है कि इस पूरे धंधे के लिए कोई वैध लाइसेंस नहीं लिया गया था। कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी जब्त सामान को नकली करार दिया है।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इस धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और माल किन-किन जगहों तक पहुंचाया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



