सेंटर न्यूज़ एक्सप्रेस।देसराज भुट्टा
होशियारपुर जिले से एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां एक मां ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए अपनी बेटियों का भविष्य संवार दिया। टांडा के गांव रड़ा में ब्याही मनदीप कौर ने साल 2012 में अपनी दो छोटी बेटियों के साथ विदेश का रुख किया। उस समय बेटियां महज 8 और 5 साल की थीं।

विदेश पहुंचने के बाद हालात आसान नहीं थे। पारिवारिक मतभेद के चलते पति अलग हो गया, लेकिन मनदीप कौर ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने रेस्टोरेंट में काम कर अपनी बेटियों की परवरिश और पढ़ाई का जिम्मा अकेले संभाला।

कड़ी मेहनत और लगन का नतीजा यह रहा कि उनकी बेटियां पढ़ाई में आगे बढ़ती गईं और आज एक बेटी ने जर्मनी की राजनीति में अपनी पहचान बना ली है। यह उपलब्धि न केवल परिवार बल्कि पूरे इलाके के लिए गर्व का विषय बन गई है।

मनदीप कौर की यह कहानी उन सभी के लिए प्रेरणा है जो मुश्किल हालात में हार मान लेते हैं। उन्होंने साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प और मेहनत के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।



