सेंटर न्यूज़ एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर जबरदस्त हलचल देखने को मिली। सात जिलों की 142 सीटों पर चल रही वोटिंग में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और शुरुआती घंटों में ही मतदान प्रतिशत तेज़ी से बढ़ता नजर आया। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक 11 बजे तक लगभग 40 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई।
सुबह होते ही मतदाता बड़ी संख्या में घरों से निकल पड़े। कई जगहों पर सूरज निकलने से पहले ही मतदान केंद्रों के बाहर कतारें लग गई थीं। मौसम की चुनौतियों—तेज गर्मी और कुछ इलाकों में बारिश—के बावजूद मतदान का उत्साह कम नहीं हुआ। महिला मतदाताओं की सक्रियता खास तौर पर ध्यान खींच रही है, जिनकी भागीदारी कई जगह पुरुषों से भी ज्यादा दिखी।
व्यापक इंतजाम, हर बूथ पर निगरानी
मतदान को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। 41 हजार से ज्यादा बूथों पर वोटिंग हो रही है और सभी संवेदनशील केंद्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है। वेबकास्टिंग के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है, जबकि केंद्रीय सुरक्षा बलों की बड़ी तैनाती की गई है।
करोड़ों मतदाता, हजारों उम्मीदवार मैदान में
इस चरण में 3.21 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। 1448 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जिनकी किस्मत आज ईवीएम में बंद हो रही है। पुरुष, महिला और थर्ड जेंडर—सभी वर्गों के मतदाता लोकतंत्र के इस उत्सव में भाग ले रहे हैं।
अहम सीटों पर टिकी नजरें
कई प्रमुख सीटों पर मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है, जहां बड़े राजनीतिक चेहरों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। इन सीटों के नतीजे चुनाव के व्यापक परिणामों पर असर डाल सकते हैं।
चुनाव आयोग सतर्क, प्रक्रिया पर सख्त निगरानी
पूरे मतदान प्रक्रिया पर चुनाव आयोग की पैनी नजर है। विभिन्न स्तरों पर ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत रोका जा सके।
दूसरे चरण का मतदान राज्य में लोकतांत्रिक जागरूकता और भागीदारी की मजबूत तस्वीर पेश कर रहा है, जहां जनता अपने अधिकार का इस्तेमाल पूरे जोश के साथ कर रही है।



