सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
जालंधर। हरियाणा के नारनौल में दर्ज एक साइबर धोखाधड़ी मामले की जांच करते हुए पुलिस ने जालंधर के एक निजी बैंक के मैनेजर को गिरफ्तार किया है। आरोपी को उसकी शाखा से उस समय हिरासत में लिया गया जब वह नियमित रूप से अपना कामकाज संभाल रहा था। गिरफ्तारी के बाद उसे पूछताछ के लिए हरियाणा ले जाया गया।
पुलिस जांच के मुताबिक, एक व्यक्ति के बैंक खाते से ऑनलाइन तरीके से रकम गायब होने की शिकायत मिली थी। मामले की पड़ताल के दौरान जांच एजेंसियों ने बैंकिंग ट्रांजेक्शन, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। इसी दौरान कुछ ऐसे तथ्य सामने आए, जिनके आधार पर बैंक अधिकारी की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई।
जांच में यह भी सामने आया कि साइबर ठगों द्वारा इस्तेमाल किए गए कुछ खातों और वित्तीय लेन-देन का संबंध आरोपी से जुड़ा हो सकता है। पुलिस का मानना है कि ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में स्थानांतरित करने और संदिग्ध लेन-देन को अंजाम देने में अंदरूनी सहयोग मिला था।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं और ठगी का दायरा कितना बड़ा है। साथ ही अन्य संदिग्ध खातों और बैंकिंग गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराध के मामलों में लगातार नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, इसलिए ऐसे मामलों में बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य बेहद अहम साबित होते हैं। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।



