सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
जंतर-मंतर पर कई दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच आज केंद्र सरकार और CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रतिनिधियों के बीच अहम वार्ता होने की संभावना है। दोनों पक्षों के बीच यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब प्रदर्शन लगातार जारी है और आंदोलनकारी अपनी प्रमुख मांगों पर अड़े हुए हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक के नतीजे से आंदोलन की आगे की दिशा तय हो सकती है।
समाधान की तलाश में दोनों पक्ष
सरकार और CJP के बीच पहले भी बातचीत के प्रयास हुए, लेकिन किसी मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी। अब दोनों पक्ष एक बार फिर आमने-सामने बैठकर विवाद का हल निकालने की कोशिश करेंगे। सूत्रों के अनुसार, सरकार आंदोलन समाप्त कराने के लिए बीच का रास्ता तलाश रही है, जबकि CJP अपनी मांगों पर स्पष्ट आश्वासन चाहती है।
इन चार मुद्दों पर अड़ा है CJP
बैठक में जिन प्रमुख मांगों पर चर्चा होने की संभावना है, उनमें—
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग।
- NEET सहित कथित पेपर लीक मामलों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच।
- परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सख्त कानून लागू करना।
- परीक्षा विवादों से प्रभावित और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता व मुआवजा देना।
दिल्ली में सुरक्षा और सतर्कता बढ़ी
बैठक और प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि वार्ता के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने।
देशभर में आंदोलन की तैयारी
CJP ने संकेत दिए हैं कि यदि बैठक में कोई ठोस निर्णय नहीं निकलता है तो आंदोलन को अन्य राज्यों तक भी विस्तारित किया जाएगा। संगठन का कहना है कि जब तक प्रमुख मांगों पर लिखित और ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
बैठक के नतीजे पर टिकी उम्मीदें
छात्र, अभिभावक और विभिन्न छात्र संगठन आज होने वाली बैठक पर नजर बनाए हुए हैं। यदि दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है तो लंबे समय से चल रहे आंदोलन का समाधान निकल सकता है। वहीं, बातचीत बेनतीजा रहने पर विरोध प्रदर्शन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।



