सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
अफगानिस्तान में एक बार फिर सीमा पार तनाव हिंसक रूप लेता दिखाई दिया है। अफगान अधिकारियों ने दावा किया है कि पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमले में 11 बच्चों समेत 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। घटना के बाद प्रभावित क्षेत्रों में दहशत और शोक का माहौल है।
रिहायशी इलाकों पर हमले का आरोप
अफगान प्रशासन के अनुसार हवाई हमला ऐसे क्षेत्रों में हुआ जहां बड़ी संख्या में आम नागरिक रहते हैं। हमले के दौरान कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए और लोगों को जान बचाने के लिए घर छोड़ने पड़े। धमाकों की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
मासूम बच्चों की गई जान
अधिकारियों का कहना है कि मृतकों में 11 बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति की भी मौत हुई है। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। बच्चों की मौत की खबर सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष देखा जा रहा है।
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
हमले में कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया। प्रभावित गांवों में मातम पसरा हुआ है और लोग मलबे के बीच अपने नुकसान का आकलन कर रहे हैं। राहत और बचाव दलों ने मौके पर पहुंचकर घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।
अफगान प्रशासन ने जताया विरोध
तालिबान सरकार ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों को निशाना बनाना किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता। सरकार ने मामले की जांच और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित करने की बात कही है।
सीमा पर बढ़ सकता है तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच पहले से चल रहा तनाव और बढ़ सकता है। हाल के वर्षों में सीमा सुरक्षा और उग्रवादी गतिविधियों को लेकर दोनों देशों के बीच कई बार विवाद सामने आ चुके हैं। ऐसे में यह घटना क्षेत्रीय स्थिरता के लिए नई चुनौती बन सकती है।
दुनिया की नजर हालात पर
घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की जा रही है। फिलहाल प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जारी हैं और लोग सामान्य स्थिति बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं।



