मध्य पूर्व के महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट में हालात पहले के मुकाबले सामान्य होने लगे हैं। इसके बीच भारत के लिए राहत की खबर आई है, जहां तेल, गैस और उर्वरक जैसी जरूरी खेप लेकर आने वाले 30 जहाजों ने अपनी यात्रा आगे बढ़ा दी है। वहीं कई अन्य जहाज अभी भी मार्ग स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं।
जरूरी आयात पर बनी हुई है नजर
बताया जा रहा है कि जिन जहाजों को आगे बढ़ने की अनुमति मिली है, वे भारत की ऊर्जा और कृषि जरूरतों से जुड़ा सामान लेकर आ रहे हैं। इनकी आवाजाही सामान्य होने से आयात व्यवस्था पर पड़ने वाला दबाव कम होने की संभावना जताई जा रही है।
26 जहाजों की आवाजाही पर फैसला बाकी
अभी 26 अन्य जहाज समुद्री ट्रांजिट के लिए कतार में हैं। सुरक्षा और संचालन से जुड़े मानकों को ध्यान में रखते हुए इन जहाजों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की प्रक्रिया जारी है।
भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम है यह समुद्री रास्ता
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त ऊर्जा व्यापार मार्गों में गिना जाता है। भारत भी अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आने वाले आयात पर निर्भर करता है। ऐसे में यहां स्थिति सामान्य रहना देश की आपूर्ति व्यवस्था और बाजार संतुलन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एजेंसियां लगातार कर रही निगरानी
समुद्री गतिविधियों और जहाजों की आवाजाही पर लगातार नजर रखी जा रही है। संबंधित विभागों का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि आवश्यक सामान की सप्लाई बिना किसी बड़े व्यवधान के भारत तक पहुंचती रहे।



