सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
देश में ईंधन सप्लाई को संतुलित बनाए रखने और आम उपभोक्ताओं तक पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने डीजल और पेट्रोल बिक्री से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नई व्यवस्था के बाद बड़े पैमाने पर ईंधन खरीदने वाले औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को अब सीधे रिटेल पेट्रोल पंपों पर निर्भर नहीं रहना होगा।
एक दिन में तय हुई अधिकतम सीमा
नए आदेश के अनुसार अब किसी भी व्यक्ति या वाहन को एक दिन में 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं दिया जाएगा। इसका उद्देश्य अचानक बढ़ती मांग, स्टॉक जमा करने की प्रवृत्ति और स्थानीय स्तर पर ईंधन की कमी जैसी स्थितियों को नियंत्रित करना बताया जा रहा है।
कमर्शियल सेक्टर के लिए अलग सप्लाई चैनल
इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल श्रेणी के उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत का ईंधन अब बल्क सप्लाई या अधिकृत वितरण व्यवस्था के जरिए लेना होगा। सरकार का मानना है कि इससे रिटेल पंपों पर दबाव कम होगा और सामान्य वाहन चालकों को परेशानी नहीं होगी।
परिवहन और संचालन लागत बढ़ने की आशंका
नई व्यवस्था लागू होने के बाद बड़ी कंपनियों और भारी उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की परिचालन लागत बढ़ सकती है। बल्क सप्लाई, लॉजिस्टिक्स और अलग वितरण मॉडल के कारण डीजल की प्रभावी लागत कई मामलों में पहले से अधिक पड़ सकती है।
आम वाहन चालकों को तत्काल असर नहीं
निजी कार, बाइक और सामान्य उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल रिटेल ईंधन बिक्री जारी रहेगी। यह कदम मुख्य रूप से बड़े खरीदारों और थोक उपयोगकर्ताओं के लिए लागू किया गया है ताकि ईंधन की उपलब्धता बनी रहे।



