सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
कश्मीर घाटी में मौसम की अचानक बदली चाल ने बागबानी क्षेत्र को बड़ा झटका दिया है। कई इलाकों में हुई तेज ओलावृष्टि और खराब मौसम के कारण सेब के बागों को भारी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। इससे हजारों परिवारों की आजीविका और आने वाले सीजन की उम्मीदों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
फसल तैयार होने से पहले बिगड़े हालात
स्थानीय बागबानों के अनुसार, जिस समय पेड़ों पर फल बनने की प्रक्रिया तेज हो रही थी, उसी दौरान खराब मौसम ने उत्पादन पर असर डाल दिया। कई क्षेत्रों में फल और पौधों को नुकसान पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बाग मालिकों का कहना है कि इस सीजन से उन्हें बेहतर आमदनी की उम्मीद थी।
खेती से जुड़े परिवारों के सामने आर्थिक चुनौती
कश्मीर में बड़ी संख्या में परिवार बागबानी और उससे जुड़े कारोबार पर निर्भर हैं। फसल प्रभावित होने से किसानों के साथ-साथ मजदूरों, पैकिंग और परिवहन से जुड़े लोगों पर भी असर पड़ने की संभावना है। कई उत्पादकों ने खेती में पहले ही निवेश किया हुआ था, जिससे नुकसान का आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
प्रशासन से राहत और सर्वे की मांग
नुकसान की जानकारी सामने आने के बाद किसान समूहों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का आकलन करने और राहत देने की मांग उठाई है। किसानों का कहना है कि वास्तविक नुकसान का आकलन कर आर्थिक सहायता और जरूरी समर्थन दिया जाए ताकि बागबानी गतिविधियां प्रभावित न हों।
बाजार और आपूर्ति पर भी दिख सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नुकसान का दायरा बड़ा रहा तो आने वाले महीनों में उत्पादन और आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। इससे बाजार में उपलब्धता और कीमतों पर भी प्रभाव देखने को मिल सकता है। हालांकि वास्तविक स्थिति का आकलन आगामी सर्वे और उत्पादन रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।
अब मौसम और राहत दोनों पर टिकी उम्मीदें
फिलहाल घाटी के बागबान मौसम के स्थिर होने और प्रशासनिक सहायता का इंतजार कर रहे हैं। आने वाले कुछ सप्ताह यह तय करेंगे कि इस सीजन में नुकसान की भरपाई किस हद तक संभव हो पाएगी।



