सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता Bikram Singh Majithia को सोमवार को अमृतसर की स्थानीय अदालत से अंतरिम जमानत मिल गई। यह राहत उस मामले में मिली है जिसमें उन पर और उनके समर्थकों पर मजीठा थाने में कथित तौर पर घुसने, सरकारी कामकाज में बाधा डालने और पुलिस रिकॉर्ड को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए थे।
मामला उस घटना से जुड़ा है जब एक पार्टी कार्यकर्ता की हिरासत के बाद बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ थाने पहुंचने को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने आरोप लगाया था कि इस दौरान सरकारी कार्य में रुकावट डाली गई और कानूनी प्रक्रिया प्रभावित हुई। इसी आधार पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत में कहा कि आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त प्रत्यक्ष साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इससे पहले की सुनवाई में अदालत ने पुलिस से सीसीटीवी फुटेज को लेकर सवाल भी पूछे थे और मामले से जुड़े रिकॉर्ड प्रस्तुत करने को कहा था।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फिलहाल अंतरिम राहत देते हुए जमानत मंजूर की। हालांकि यह अंतिम फैसला नहीं माना जाएगा और मामले की आगे भी सुनवाई जारी रहेगी। कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत बाद में उपलब्ध सबूतों और जांच की स्थिति के आधार पर अगला निर्णय ले सकती है।
इस फैसले के बाद अकाली दल समर्थकों में उत्साह देखा गया, जबकि राजनीतिक हलकों में भी इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज हो गई है। दूसरी ओर, पुलिस और जांच एजेंसियां आगे की कार्रवाई और केस की प्रगति पर नजर बनाए हुए हैं।



