सैंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
शहर में आवारा कुत्तों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को न्यू कमल विहार इलाके में एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां इनोसेंट हार्ट स्कूल के नर्सरी छात्र और उसकी मां आवारा कुत्तों के कारण हादसे का शिकार हो गए। कुत्तों के पीछा करने से उनकी एक्टिवा अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। हादसे में मासूम के सिर पर गंभीर चोट आई, जिसके चलते डॉक्टरों को टांके लगाने पड़े। फिलहाल बच्चा चिकित्सकीय निगरानी में है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

बच्चे को लेने पहुंची थी मां
जानकारी के अनुसार जीटीबी नगर निवासी अकालदीप कौर अपने बेटे जस्किरत को लेने न्यू कमल विहार स्थित इनोसेंट हार्ट स्कूल पहुंची थीं। जस्किरत स्कूल की नर्सरी कक्षा का छात्र है। छुट्टी के बाद घर लौटते समय रास्ते में अचानक कई आवारा कुत्ते एक्टिवा के पीछे दौड़ पड़े। घबराहट में वाहन का संतुलन बिगड़ गया और मां-बेटा सड़क पर गिर पड़े।

मासूम गंभीर रूप से घायल
सड़क पर गिरने से जस्किरत के सिर पर गहरी चोट लगी और काफी रक्तस्राव हुआ। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत दोनों की मदद की और अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने बच्चे के सिर पर टांके लगाए, जबकि मां को भी गिरने से हल्की चोटें आई हैं। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है।
लोगों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नगर निगम के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली। उनका कहना है कि न्यू कमल विहार और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से आवारा कुत्तों का आतंक बना हुआ है। कई बार शिकायतें देने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। लोगों का आरोप है कि स्कूलों के आसपास बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर नजर नहीं आ रहा।
पहले भी हो चुके हैं कई हादसे
इलाके के निवासियों का कहना है कि इससे पहले भी कई बच्चे, बुजुर्ग और राहगीर आवारा कुत्तों के कारण चोटिल हो चुके हैं। कभी कुत्तों के हमले तो कभी उनके पीछे दौड़ने से लोग सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हुए हैं। इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
विशेष अभियान चलाने की मांग
स्थानीय लोगों ने नगर निगम से मांग की है कि रिहायशी कॉलोनियों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों के आसपास घूम रहे आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। साथ ही नियमित निगरानी और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।



