सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
देश के पूर्व प्रधानमंत्री Inder Kumar Gujral के परिवार से जुड़ा एक हाई-प्रोफाइल साइबर धोखाधड़ी मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार अपराधियों ने संचार माध्यमों का इस्तेमाल करते हुए ऐसा भरोसेमंद माहौल बनाया कि परिवार से जुड़े कर्मचारियों ने बिना ज्यादा संदेह किए बड़ी रकम अलग-अलग चरणों में भेज दी। शुरुआती जानकारी के अनुसार कुल नुकसान लगभग 7.80 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।
डिजिटल पहचान बनाकर कर्मचारियों तक पहुंचा गया
मामले में आरोप है कि ठगों ने संपर्क का ऐसा तरीका अपनाया जिससे सामने वाले को लगा कि निर्देश किसी परिचित और अधिकृत व्यक्ति की ओर से दिए जा रहे हैं। बातचीत और डिजिटल गतिविधियों के जरिए भरोसा बनाया गया और वित्तीय लेनदेन कराने की प्रक्रिया शुरू करवाई गई।
कई चरणों में भेजी गई रकम
बताया जा रहा है कि एक बार में पूरी राशि नहीं ली गई, बल्कि अलग-अलग समय पर भुगतान करवाया गया। कर्मचारियों को यह महसूस नहीं हुआ कि वे किसी साइबर जाल का हिस्सा बन रहे हैं। बाद में जब वित्तीय रिकॉर्ड और बातचीत का मिलान किया गया तो पूरे मामले पर संदेह पैदा हुआ।
आंतरिक जांच के बाद पुलिस तक पहुंचा मामला
घटना की जानकारी सामने आने के बाद संबंधित पक्ष ने पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की और फिर शिकायत दर्ज कराई गई। जांच एजेंसियों ने बैंकिंग ट्रेल, डिजिटल गतिविधियों और इस्तेमाल किए गए संपर्क माध्यमों की जांच शुरू कर दी है।
साइबर अपराध का नया तरीका बना चेतावनी
इस मामले ने दिखाया है कि अब ऑनलाइन ठगी केवल लिंक भेजने या कॉल करने तक सीमित नहीं रही। अपराधी भरोसेमंद पहचान, मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और मनोवैज्ञानिक तरीके अपनाकर बड़े वित्तीय लेनदेन को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद पूरे नेटवर्क और ठगी के तरीके की स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।



