सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर नया मोड़ सामने आया है। हालिया अंतरराष्ट्रीय सहमति के बाद जहाजों की आवाजाही दोबारा शुरू करने पर सहमति बनी है, लेकिन यह व्यवस्था फिलहाल केवल शुरुआती 60 दिनों के लिए तय की गई है। इसके बाद संचालन और शर्तों की नई रूपरेखा तय की जा सकती है।
जानकारी के मुताबिक, शुरुआती अवधि में जहाजों को राहत देने की योजना बनाई गई है ताकि तेल और व्यापार आपूर्ति सामान्य हो सके। हालांकि इसके बाद मार्ग के उपयोग, निगरानी और संभावित सेवा शुल्क को लेकर नई नीति लागू किए जाने की चर्चा तेज हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में अतिरिक्त शुल्क या नई शर्तें लागू होती हैं तो इसका असर सीधे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों और ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। तेल आयात करने वाले देशों के लिए भी इससे परिवहन लागत बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
फिलहाल वैश्विक बाजार की नजर अगले दो महीनों पर टिकी हुई है, क्योंकि इसी दौरान आगे की बातचीत से तय होगा कि हॉर्मुज आने वाले समय में पूरी तरह सामान्य रहेगा या नई आर्थिक शर्तों के साथ संचालित किया जाएगा।



