सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
बिजली की लगातार बढ़ती मांग अब आम लोगों की जिंदगी पर सीधा असर डालने लगी है। शहर के कई इलाकों में पिछले दिनों से रात के समय लंबे बिजली कट लगाए जा रहे हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि अगर मांग और सप्लाई के बीच का अंतर इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में रोजाना कटौती सामान्य स्थिति बन सकती है। इसका असर हजारों परिवारों पर पड़ रहा है।
रात 10 बजे से सुबह तक अंधेरे में गुजर रही रातें
शहर के कई इलाकों में रात 10 बजे के बाद बिजली बंद करने का सिलसिला शुरू हो जाता है। कहीं देर रात तक सप्लाई बाधित रहती है तो कहीं सुबह तक बिजली नहीं लौटती। इससे लोगों की दिनचर्या बिगड़ रही है और गर्मी के मौसम में परेशानी कई गुना बढ़ गई है।
इंडस्ट्रियल फीडरों की कटौती, घरों पर पड़ रहा सीधा असर
बिजली प्रबंधन के तहत इंडस्ट्रियल फीडरों की सप्लाई रोकी जा रही है, लेकिन इन फीडरों से जुड़े हजारों रिहायशी घर भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। अनुमान है कि 50 हजार से ज्यादा घर प्रभावित हो रहे हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि उद्योगों के लिए की गई कटौती का बोझ घरेलू उपभोक्ताओं को क्यों उठाना पड़ रहा है।
बीमार और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित
रातभर बिजली न रहने से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार मरीजों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। कई परिवारों का कहना है कि दिल और सांस संबंधी बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए लंबे बिजली कट चिंता का कारण बन गए हैं। गर्मी और उमस ने स्थिति और खराब कर दी है।
फोन करने पर मिल रहा एक ही जवाब—ऊपर से आदेश हैं
स्थानीय लोगों के अनुसार जब विभाग से संपर्क किया जाता है तो जवाब मिलता है कि सप्लाई प्रबंधन उच्च स्तर के निर्देशों के अनुसार किया जा रहा है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है क्योंकि कटौती को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही।
बढ़ी बिजली मांग से सिस्टम पर दबाव
सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में बिजली की मांग में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मांग को संतुलित करने के लिए अलग-अलग समय पर सप्लाई में कटौती की जा रही है। दिन में कुछ इलाकों और रात में इंडस्ट्रियल फीडरों को बंद कर लोड मैनेजमेंट करने की कोशिश की जा रही है।
लोगों की मांग—कटौती करनी है तो पहले बताओ
नागरिकों का कहना है कि यदि बिजली कटौती अपरिहार्य है तो उसका शेड्यूल पहले जारी किया जाए। लोगों ने मांग की है कि जिन इलाकों में बड़ी आबादी प्रभावित हो रही है वहां अलग व्यवस्था बनाई जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
सवाल यही—क्या आने वाले दिनों में यही नई व्यवस्था बनेगी?
लगातार बढ़ती मांग और बार-बार हो रही कटौती के बीच लोगों में चिंता बढ़ रही है। अब लोगों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो रोजाना लंबे बिजली कट सामान्य स्थिति बन सकते हैं।



