सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
फगवाड़ा। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में शनिवार देर रात सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए एक मैसेज ने अचानक माहौल तनावपूर्ण कर दिया। मैसेज में एक छात्रा से दुष्कर्म का दावा किया गया था। देखते ही देखते यह बात छात्रों के बीच फैल गई और बड़ी संख्या में छात्र कैंपस में इकट्ठा हो गए। छात्रों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए विरोध शुरू कर दिया। कुछ समय बाद प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और कैंपस में तोड़फोड़ तथा आगजनी की स्थिति भी सामने आई।
हॉस्टल के आसपास जुटने लगे छात्र
मामला उस समय शुरू हुआ जब गर्ल्स हॉस्टल के आसपास छात्रों को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे संदेश की जानकारी मिली। संदेश में दावा किया गया था कि किसी बाहरी व्यक्ति ने हॉस्टल में प्रवेश कर छात्रा के साथ दुष्कर्म किया है। संदेश की सत्यता की पुष्टि हुए बिना ही यह बात तेजी से फैल गई। इससे छात्रों में नाराजगी बढ़ी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी हॉस्टल क्षेत्र के आसपास जमा हो गए।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
छात्रों ने कैंपस में बाहरी लोगों की आवाजाही और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठाए। प्रदर्शन के दौरान यूनिवर्सिटी प्रशासन तथा सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ नारेबाजी की गई। भीड़ बढ़ने के साथ हालात बिगड़ते चले गए। इसी दौरान कैंपस की कुछ संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और एक हिस्से में आग लगाए जाने की जानकारी सामने आई।
मुख्य गेट से बाहर निकले प्रदर्शनकारी
कैंपस में विरोध के बाद छात्रों की भीड़ मुख्य गेट की तरफ पहुंच गई। रात करीब ढाई बजे प्रदर्शनकारी यूनिवर्सिटी से बाहर आ गए और चंडीगढ़-अमृतसर नेशनल हाईवे पर धरना शुरू कर दिया। हाईवे पर छात्रों के बैठने से यातायात बाधित हो गया। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और देर रात तक यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। कपूरथला के एसएसपी गौरव तूरा ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत की और उन्हें मामले की जांच का भरोसा दिलाते हुए शांत रहने की अपील की।
जांच में नहीं मिली दुष्कर्म की पुष्टि
पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक सोशल मीडिया पर जिस दुष्कर्म की घटना का दावा किया जा रहा था, उसकी पुष्टि करने वाला कोई तथ्य या शिकायत फिलहाल सामने नहीं आई है। पुलिस ने इसे सोशल मीडिया पर फैली अफवाह बताया है। हालांकि, पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है और पुलिस उस मैसेज के मूल स्रोत तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
मैसेज किसने फैलाया, पुलिस खंगाल रही स्रोत
पुलिस अब वायरल मैसेज के स्रोत की जांच कर रही है। अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि कथित घटना से संबंधित संदेश सबसे पहले कहां से प्रसारित हुआ और किस तरह वह बड़ी संख्या में छात्रों तक पहुंचा। पुलिस सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की भी जांच कर रही है।
यूनिवर्सिटी ने छात्रों को सुरक्षित रहने की अपील की
घटना के बीच एलपीयू प्रशासन की ओर से छात्रों के लिए आधिकारिक संदेश जारी किया गया। प्रशासन ने सोशल मीडिया पर चल रही बातों को झूठा और भ्रामक बताया तथा छात्रों को किसी भी तरह के प्रदर्शन या अशांति से दूर रहने को कहा। छात्रों से अपने हॉस्टल या कमरों में सुरक्षित रहने और उकसावे वाली गतिविधियों में शामिल नहीं होने की अपील की गई।
बॉक्स : एलपीयू प्रशासन का छात्रों के नाम संदेश
“प्रिय छात्र,
हम आपको आश्वस्त करना चाहते हैं कि सभी छात्र कैंपस में पूरी तरह सुरक्षित हैं। सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहें झूठी और भ्रामक हैं, जिन्हें शरारती तत्वों द्वारा फैलाया गया है।
आपसे सलाह दी जाती है कि किसी भी अशांति या प्रदर्शन में भाग न लें, अपने हॉस्टल/कमरे में सुरक्षित रहें और किसी भी उकसावे वाली गतिविधि से दूर रहें।
शांत और व्यवस्थित माहौल बनाए रखने में सहयोग करें।”
— एलपीयू प्रशासन



