CENTRE NEWS EXPRESS (14 FEBRUARY DESRAJ)
अमेरिका में रहने वाले खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नून की हत्या की साजिश के मामले में बड़ा मोड़ आया है। भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता (Nikhil Gupta) ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क की अदालत में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। इसके बाद न्यूयॉर्क की कोर्ट ने निखिल गुप्ता को 24 साल की जेल की सजा सुनाई है। 29 मई को सजा का औपचारिक ऐलान किया जाएगा। यूएस अटॉर्नी ऑफिस, साउदर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क ने इसकी पुष्टि की है।
अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने एक्स पर पोस्ट कर निखिल गुप्ता के अपराध कबूलने की जानकारी दी। FBI के मुताबिक, यह साजिश एक अमेरिकी नागरिक की हत्या के लिए रची गई थी, जिसे अमेरिकी एजेंसियों ने समय रहते नाकाम कर दिया।
US अटॉर्नी ऑफिस के बयान के मुताबिक, निखिल गुप्ता उर्फ ‘निक’ ने सेकंड सुपरसिडिंग इंडिक्टमेंट में लगाए गए तीनों आरोपों को स्वीकार किया है। इन आरोपों में मर्डर-फॉर-हायर, मर्डर-फॉर-हायर की साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश शामिल है।
अमेरिकी अधिकारियों का बयान
अमेरिकी अटॉर्नी जे क्लेटन ने कहा, “निखिल गुप्ता ने न्यूयॉर्क में एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश रची। उसे लगा कि वह बाहर बैठकर यहां किसी को मार सकता है और उसे कुछ नहीं होगा, लेकिन वह गलत था। अब उसे सजा मिलेगी। गुप्ता ने तीन आरोपों में दोष कबूल किया है, हत्या की सुपारी देना, हत्या की साजिश रचना और पैसे की हेराफेरी की साजिश। इन सभी मामलों में मिलाकर उन्हें अधिकतम 40 साल तक की जेल हो सकती है। उनकी सजा का ऐलान विक्टर मारेरो 29 मई को करेंगे। गुप्ता को जून 2024 में चेक गणराज्य से प्रत्यर्पित कर अमेरिका लाया गया था. तब से वे ब्रुकलिन में बिना जमानत जेल में बंद हैं।
साजिश कैसे रची गई
अमेरिकी चार्जशीट के मुताबिक, मई 2023 में एक शख्स, जिसे “सीसी-1” कहा गया है, ने गुप्ता से संपर्क किया और उसे इस काम के लिए तैयार किया। बाद में अमेरिकी सरकार ने सीसी-1 की पहचान विकाश यादव के रूप में की। बताया गया कि वे पहले सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स में थे और उस समय रिसर्च एंड एनालिसिस विंग से जुड़े काम देख रहे थे। अक्टूबर 2024 में अमेरिकी न्याय विभाग ने यादव पर औपचारिक आरोप लगाए। वे अभी भारत में हैं और फरार बताए जा रहे हैं, हालांकि दिल्ली पुलिस ने उन्हें एक अलग वसूली के मामले में दर्ज किया है।



