CENTRE NEWS EXPRESS (DESRAJ BHUTTA)
लोकसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण देने से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका, जिसके बाद देश की राजनीति गरमा गई है। इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए इसे महिलाओं के साथ बड़ा अन्याय करार दिया है।
अमित शाह ने अपने बयान में कहा कि यह केवल एक बिल की असफलता नहीं है, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं की उम्मीदों को ठेस पहुंचाने वाला फैसला है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए महिलाओं के अधिकारों को नजरअंदाज किया गया। शाह ने यह भी कहा कि इस फैसले का असर आने वाले चुनावों में जरूर दिखाई देगा।
उन्होंने विपक्षी दलों के जश्न पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जो लोग इसे जीत मान रहे हैं, वे दरअसल देश की महिलाओं के विश्वास को तोड़ने का जश्न मना रहे हैं। उनके मुताबिक, यह रवैया महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है और इसे देश की जनता बखूबी समझ रही है।
वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार इस मुद्दे पर सहमति बनाने में असफल रही और बिना पर्याप्त चर्चा के बिल को आगे बढ़ाने की कोशिश की गई। विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जीत बताते हुए सरकार की रणनीति पर सवाल खड़े किए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब महिला आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है, और आने वाले समय में इस पर और तीखी सियासत देखने को मिल सकती है।



