सेंटर न्यूज़ एक्सप्रेस (देसराज)
बैसाखी और खालसा साजना दिवस के मौके पर पाकिस्तान के गुरुद्वारों के दर्शन कर लौटे सिख श्रद्धालुओं का जत्था भारत पहुंच गया। अटारी-वाघा बॉर्डर पर परिवारों और संगतों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। लंबे समय बाद अपनों से मिलकर कई श्रद्धालु भावुक नजर आए।
हजारों श्रद्धालुओं ने की थी यात्रा
इस धार्मिक यात्रा में 2200 से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए थे, जिन्होंने पाकिस्तान में स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों में मत्था टेककर अपनी आस्था प्रकट की। सीमा पर लौटते ही श्रद्धालुओं में उत्साह और संतोष का माहौल देखने को मिला।
यात्रा रही शांतिपूर्ण और सुविधाजनक
वापसी पर श्रद्धालुओं ने बताया कि पूरी यात्रा के दौरान उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वहां सुरक्षा, आवास और भोजन की व्यवस्थाएं अच्छी थीं, जिससे यात्रा सहज और आरामदायक बनी रही।
पवित्र स्थलों पर मिला आध्यात्मिक सुकून
श्रद्धालुओं ने अपनी यात्रा के दौरान श्री ननकाना साहिब, श्री पंजा साहिब, श्री डेरा साहिब और श्री करतारपुर साहिब जैसे प्रमुख गुरुधामों में माथा टेका। उन्होंने कहा कि इन पवित्र स्थानों के दर्शन कर उन्हें गहरी आत्मिक शांति का अनुभव हुआ।
भविष्य में और सुविधाओं की उम्मीद
श्रद्धालुओं ने दोनों देशों की सरकारों का आभार जताया और अपील की कि धार्मिक यात्राओं को और सुगम बनाने के लिए नए कॉरिडोर खोले जाएं। उनका मानना है कि इससे ज्यादा से ज्यादा लोग इन ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन कर सकेंगे।



