सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
नई दिल्ली: देश में बढ़ती आर्थिक चुनौतियों के बीच केंद्र सरकार ने सोना और चांदी आयात करने पर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने कीमती धातुओं पर लगने वाले आयात शुल्क में भारी बढ़ोतरी कर दी है, जिसके बाद आने वाले दिनों में ज्वेलरी बाजार में तेज हलचल देखने को मिल सकती है। नए नियम लागू होने के साथ ही कारोबारियों और ग्राहकों दोनों की चिंता बढ़ गई है।
15 फीसदी पहुंचा कुल आयात टैक्स
सरकार ने सोने और चांदी पर प्रभावी इंपोर्ट ड्यूटी को बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है। इससे पहले यह शुल्क 6 फीसदी था। नए टैक्स ढांचे में बेसिक कस्टम ड्यूटी के साथ अन्य उपकर भी शामिल किए गए हैं।
ज्वेलरी खरीदना होगा महंगा
विशेषज्ञों का मानना है कि ड्यूटी बढ़ने के बाद घरेलू बाजार में सोना और चांदी दोनों महंगे हो जाएंगे। शादी सीजन और निवेश के लिए खरीदारी करने वालों को अब ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है।
विदेशी मुद्रा बचाने की कोशिश
सरकार का मानना है कि लगातार बढ़ते गोल्ड इंपोर्ट से विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ रहा था। इसी कारण आयात को नियंत्रित करने और डॉलर की खपत कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
अंतरराष्ट्रीय संकट का असर
खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और तेल संकट के कारण भारत पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। महंगे कच्चे तेल के आयात से देश का खर्च बढ़ा है, जिसका असर अब अन्य आर्थिक फैसलों में भी दिखाई देने लगा है।
कारोबारियों में बढ़ी चिंता
सर्राफा बाजार से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि ड्यूटी बढ़ने से ग्राहकों की खरीदारी प्रभावित हो सकती है। कई दुकानदारों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बाजार की मांग धीमी पड़ सकती है।
भारत में हर साल होती है भारी मांग
भारत में सोने की खपत दुनिया में सबसे ज्यादा मानी जाती है। देश में त्योहारों और शादियों के दौरान बड़ी मात्रा में गोल्ड खरीदा जाता है। घरेलू उत्पादन कम होने के कारण भारत को ज्यादातर सोना विदेशों से मंगवाना पड़ता है।
पहले घटाई गई थी ड्यूटी
कुछ समय पहले सरकार ने सोने और चांदी पर कस्टम ड्यूटी घटाकर बाजार को राहत दी थी, लेकिन अब आर्थिक हालात को देखते हुए फिर से शुल्क बढ़ा दिया गया है। इससे आने वाले दिनों में सर्राफा बाजार की दिशा बदल सकती है।



