सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज
जालंधर में हुई तेज बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर सामने ला दी। कई इलाकों में सड़कें पानी से भर गईं, वहीं जगह-जगह जलभराव के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। अधूरे पड़े सरफेस वाटर प्रोजेक्ट और खराब ड्रेनेज व्यवस्था ने आम लोगों की परेशानी को कई गुना बढ़ा दिया।
मुख्य सड़कें बनीं जलभराव का केंद्र
बारिश के कुछ ही घंटों में शहर की कई प्रमुख सड़कें पानी में डूब गईं। निचले इलाकों में पानी भरने से वाहन चालकों को लंबा इंतजार करना पड़ा, जबकि दोपहिया वाहन कई जगह बंद हो गए। दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, विद्यार्थी और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सरफेस वाटर प्रोजेक्ट की धीमी रफ्तार बनी समस्या
शहर में चल रहे सरफेस वाटर प्रोजेक्ट का काम अभी भी कई स्थानों पर अधूरा है। पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की समय पर मरम्मत नहीं होने से बारिश के दौरान गहरे गड्ढे और कीचड़ बन गए। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है और लोगों का सफर मुश्किल हो गया है।
ड्रेनेज व्यवस्था फिर हुई फेल
हर वर्ष मानसून से पहले नालों और सीवरों की सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश में जल निकासी व्यवस्था जवाब देती दिखाई दी। कई मोहल्लों और बाजारों में घंटों तक पानी जमा रहा। कई घरों और दुकानों में भी पानी घुस गया, जिससे लोगों को नुकसान उठाना पड़ा।
उमस ने बढ़ाई लोगों की मुश्किल
बारिश थमने के बाद तेज धूप और हवा में बढ़ी नमी के कारण उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। बिजली की आंख-मिचौली के बीच घरों और दफ्तरों में लोगों का रहना मुश्किल हो गया। बाजारों में भी उमस के कारण लोगों की आवाजाही कम देखने को मिली।
व्यापार और यातायात पर पड़ा असर
जलभराव के कारण कई बाजारों में ग्राहकों की संख्या घट गई। दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हुआ, जबकि सड़कें बंद होने और ट्रैफिक जाम से माल की आवाजाही भी प्रभावित रही। कई स्थानों पर घंटों तक वाहन रेंगते नजर आए।
लोगों ने उठाए प्रशासन पर सवाल
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर मानसून में यही हालात बनते हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जाता। लोगों ने अधूरे विकास कार्यों को जल्द पूरा करने, जल निकासी व्यवस्था सुधारने और टूटी सड़कों की तुरंत मरम्मत की मांग की है।
समय पर कार्रवाई ही बनेगी समाधान
विशेषज्ञों का मानना है कि शहर को भविष्य में ऐसी परेशानियों से बचाने के लिए सरफेस वाटर प्रोजेक्ट को तय समय में पूरा करना, मजबूत ड्रेनेज सिस्टम विकसित करना और मानसून से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करना बेहद जरूरी है। तभी जालंधर को हर साल होने वाले जलभराव और ट्रैफिक संकट से राहत मिल सकेगी।



