बारिश थमने से उमस ने बढ़ाई मुश्किलें
सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
पंजाब में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। लगातार बारिश नहीं होने से वातावरण में नमी बढ़ गई है और लोगों को दिनभर तेज गर्मी व उमस का सामना करना पड़ रहा है। सुबह से लेकर शाम तक चिपचिपी गर्मी के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल व्यापक बारिश की संभावना कम है, इसलिए अगले कुछ दिन मौसम ऐसा ही बना रह सकता है।
इन जिलों में रहेगा सबसे ज्यादा असर
मौसम विभाग ने राज्य के दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में गर्म और उमस भरे मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। बठिंडा, मानसा, श्री मुक्तसर साहिब, फाजिल्का, फरीदकोट, मोगा, बरनाला और फिरोजपुर जैसे जिलों में लोगों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ सकती है। दिन के समय धूप के साथ नमी बढ़ने से गर्मी का असर सामान्य दिनों से ज्यादा महसूस होगा।
कुछ इलाकों में राहत की उम्मीद
हालांकि पूरे पंजाब में बारिश नहीं होगी, लेकिन उत्तर और मध्य पंजाब के कुछ क्षेत्रों में बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना बनी हुई है। इससे स्थानीय स्तर पर तापमान में गिरावट आ सकती है, लेकिन पूरे राज्य को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद फिलहाल नहीं है।
आखिर क्यों कमजोर पड़ा मानसून?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस समय ऐसे मौसमीय तंत्र सक्रिय नहीं हैं, जो पंजाब में लगातार बारिश करा सकें। मानसून की मुख्य धारा राज्य से दूर बनी हुई है और बारिश को बढ़ाने वाले दबाव क्षेत्र भी विकसित नहीं हुए हैं। यही वजह है कि बादल आने के बावजूद अधिकांश स्थानों पर बारिश नहीं हो रही।
19 जुलाई के बाद बदल सकता है मौसम
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 19 जुलाई के बाद उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से पंजाब में बादलों की गतिविधियां बढ़ सकती हैं और कई जिलों में बारिश का दौर फिर शुरू होने की संभावना है। यदि यह सिस्टम मजबूत रहा तो तापमान में गिरावट आएगी और उमस से भी राहत मिलेगी।
पारा चढ़ा, कई इलाकों में बढ़ी तपिश
बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। कई जिलों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, जिससे दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। विशेषज्ञों ने लोगों को गर्मी से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है।
बांधों की स्थिति फिलहाल सामान्य
बारिश कम होने के बावजूद भाखड़ा और पोंग बांधों में जलस्तर सुरक्षित सीमा के भीतर बना हुआ है। पानी की आवक और निकासी नियमित रूप से जारी है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जल भंडारण को लेकर किसी प्रकार की चिंता की स्थिति नहीं है।
बढ़ी बिजली की खपत
गर्मी और उमस के कारण एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों का इस्तेमाल बढ़ गया है। इससे राज्य में बिजली की मांग में भी तेजी आई है। बिजली विभाग अतिरिक्त आपूर्ति की व्यवस्था कर मांग और उत्पादन के बीच संतुलन बनाए रखने में जुटा हुआ है।
मौसम विभाग की सलाह
विशेषज्ञों ने लोगों से दोपहर के समय धूप में कम निकलने, पर्याप्त पानी पीने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। जिन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है, वहां खुले स्थानों से दूर रहने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।



