सत्यापन अभियान के बाद बदलेगा मतदाता सूची का स्वरूप
सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
चंडीगढ़ में मतदाता सूची के व्यापक सत्यापन अभियान का पहला चरण पूरा होने के बाद चुनाव विभाग ने प्रारंभिक आंकड़े जारी किए हैं। जांच में बड़ी संख्या में ऐसे रिकॉर्ड सामने आए हैं, जिनमें या तो मतदाताओं ने आवश्यक फॉर्म जमा नहीं किए, या फिर उनके पते, पहचान अथवा अन्य विवरणों में विसंगतियां मिलीं। इसके चलते प्रारंभिक मतदाता सूची में कई बदलाव देखने को मिलेंगे।
ड्राफ्ट सूची से हजारों नाम फिलहाल रहेंगे बाहर
विभाग के अनुसार करीब 66 हजार मतदाताओं के नाम पहली ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे। यह अंतिम फैसला नहीं है, बल्कि सत्यापन प्रक्रिया का हिस्सा है। जिन मामलों में दस्तावेज पूरे नहीं मिले या रिकॉर्ड स्पष्ट नहीं है, उन्हें फिलहाल लंबित रखा गया है। पात्र मतदाताओं को आगे अपना दावा पेश करने का पूरा अवसर मिलेगा।
सत्यापन में सामने आईं कई तरह की विसंगतियां
जांच के दौरान सबसे अधिक मामले ऐसे मिले, जिनमें लोग स्थायी रूप से शहर छोड़ चुके थे। इसके अलावा कई पते बंद मिले, कुछ मतदाताओं का निधन हो चुका था और कुछ नाम एक से अधिक बार दर्ज पाए गए। विभाग ने प्रत्येक श्रेणी का अलग-अलग सत्यापन कर रिपोर्ट तैयार की है ताकि अंतिम सूची पूरी तरह सटीक बनाई जा सके।
21 जुलाई को जारी होगी प्रारंभिक मतदाता सूची
चुनाव विभाग 21 जुलाई को संशोधित ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित करेगा। इस सूची के आधार पर नागरिक अपने नाम की जांच कर सकेंगे। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में नहीं मिलता है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना दावा दर्ज करा सकेगा।
नाम नहीं मिला तो ऐसे करा सकेंगे शामिल
यदि किसी योग्य मतदाता का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं होगा, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। विभाग की ओर से दावा प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा। आवश्यक दस्तावेज जमा करने और जांच पूरी होने के बाद पात्र पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति का नाम अंतिम मतदाता सूची में जोड़ दिया जाएगा।
20 अगस्त तक दावा और आपत्ति का मिलेगा मौका
ड्राफ्ट सूची प्रकाशित होने के बाद मतदाताओं को लगभग एक महीने का समय मिलेगा। इस अवधि में वे अपने नाम जोड़ने, गलतियां ठीक कराने या किसी अन्य आपत्ति के लिए आवेदन कर सकेंगे। विभाग का कहना है कि सभी आवेदनों की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार फैसला लिया जाएगा।
हजारों रिकॉर्ड का अभी होना बाकी है मिलान
सत्यापन के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे आवेदन भी सामने आए हैं, जिनमें मतदाताओं ने फॉर्म तो जमा कर दिए, लेकिन उनका पुराने रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो पाया। ऐसे मामलों में संबंधित लोगों से अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जाएंगे। सत्यापन पूरा होने के बाद ही उनके नाम अंतिम सूची में शामिल किए जाएंगे।
बिना प्रक्रिया किसी का नाम नहीं हटेगा
चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना जांच और सुनवाई के नहीं हटाया जाएगा। प्रत्येक मामले की अलग से समीक्षा होगी और दस्तावेजों के आधार पर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इसलिए जिन लोगों का नाम प्रारंभिक सूची में नहीं होगा, वे निर्धारित समय में आवेदन कर अपना अधिकार सुरक्षित रख सकते हैं.



