सुरक्षा इंतजामों और सड़क मरम्मत ने बढ़ाई मुश्किलें
सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जालंधर दौरे से एक दिन पहले शहर में सुरक्षा और सौंदर्यीकरण के नाम पर किए गए कार्यों ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी। वीरवार सुबह जालंधर-अमृतसर नेशनल हाईवे पर लंबा पिंड चौक से पीएपी चौक तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सुबह दफ्तर और स्कूल जाने के समय लगे इस जाम ने हजारों लोगों को घंटों तक सड़क पर रोक दिया।
पीक आवर्स में शुरू हुआ काम, ट्रैफिक हुआ बेपटरी
हाईवे पर सड़क की मरम्मत और पैचवर्क का काम ऐसे समय शुरू किया गया जब ट्रैफिक सबसे ज्यादा रहता है। एक लेन पर आवाजाही सीमित होने से कुछ ही देर में वाहनों का दबाव बढ़ गया और जाम कई किलोमीटर तक फैल गया। हालात ऐसे बन गए कि वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ रहे थे और लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा।
स्कूली बच्चों और नौकरीपेशा लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी
जाम का सबसे अधिक असर स्कूल बसों, निजी वाहनों और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों पर पड़ा। कई स्कूल बसें लंबे समय तक ट्रैफिक में फंसी रहीं, जिससे बच्चों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा। वहीं अनेक कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंच सके, जबकि कई विद्यार्थियों की परीक्षाएं और अन्य जरूरी काम भी प्रभावित हुए।
शहर के अंदरूनी इलाकों तक पहुंचा असर
मुख्य हाईवे पर जाम लगने के बाद उसका असर शहर के अन्य मार्गों पर भी दिखाई दिया। बीएसएफ चौक, गुरु नानकपुरा रोड और आसपास के कई रास्तों पर भी ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया। वाहन चालकों ने वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेने की कोशिश की, लेकिन वहां भी यातायात सामान्य नहीं रह सका।
वैकल्पिक रूट की जानकारी नहीं मिलने से बढ़ी दिक्कत
लोगों का कहना था कि यदि पहले से ट्रैफिक डायवर्जन या वैकल्पिक मार्गों की सूचना जारी कर दी जाती तो परेशानी काफी कम हो सकती थी। कई वाहन चालक बिना किसी जानकारी के सीधे जाम वाले मार्ग पर पहुंच गए, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। कुछ स्थानों पर आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को भी धीरे-धीरे रास्ता बनाकर निकलना पड़ा।
प्रधानमंत्री 17 जुलाई को करेंगे कैंट स्टेशन का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन के पुनर्विकसित परिसर का उद्घाटन करेंगे। इसी कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। शहर के कई हिस्सों में पुलिस बल तैनात किया गया है और कार्यक्रम स्थल के आसपास तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।
लोगों ने उठाए समय और योजना पर सवाल
जाम में फंसे लोगों ने सवाल उठाया कि सड़क मरम्मत जैसे कार्य सुबह के व्यस्त समय के बजाय रात में भी कराए जा सकते थे। उनका कहना था कि यदि प्रशासन पहले से बेहतर योजना बनाता और ट्रैफिक प्रबंधन पर ध्यान देता तो हजारों लोगों को घंटों तक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
भविष्य के लिए बेहतर ट्रैफिक प्लान की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि वीआईपी कार्यक्रमों और सड़क निर्माण कार्यों के दौरान पहले से ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की जाए और पीक आवर्स में ऐसे कामों से बचा जाए। लोगों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है, लेकिन इसके साथ आम नागरिकों की सुविधा और समय का भी समान रूप से ध्यान रखा जाना चाहिए।



