सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
पंजाब सरकार ने राज्यभर में वर्षों से कानूनी मान्यता का इंतजार कर रही अवैध कॉलोनियों के लिए नई रेगुलराइजेशन नीति लाने की तैयारी पूरी कर ली है। संशोधित पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन (PAPR) नियमों के तहत करीब 5 हजार अवैध कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार ने डेवलपर्स और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को 30 सितंबर तक आवेदन करने का समय दिया है।
राज्य सरकार का मानना है कि पिछली नीतियों में आई तकनीकी और दस्तावेजी बाधाओं को इस बार काफी हद तक दूर किया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद हजारों प्लॉट मालिकों को अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री, बैंक ऋण, भवन निर्माण की मंजूरी और बिजली-पानी जैसे सरकारी कनेक्शन प्राप्त करने में राहत मिलेगी।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार पंजाब में करीब 7 हजार अवैध कॉलोनियों की पहचान हुई थी। इनमें से लगभग 2 हजार कॉलोनियां पहले ही नियमित हो चुकी हैं, जबकि बाकी कॉलोनियों के आवेदन आवश्यक दस्तावेजों की कमी या अन्य तकनीकी कारणों से अटक गए थे। अब ऐसे मामलों में दोबारा आवेदन का अवसर भी दिया जाएगा।
नई नीति के तहत वही कॉलोनियां पात्र होंगी, जहां कम से कम 25 प्रतिशत विकास कार्य पूरा हो चुका हो। साथ ही कॉलोनी में 20 फीट चौड़ी सड़क होना अनिवार्य रहेगा। 50 से 239.2 वर्ग गज तक के प्लॉट भी इस योजना के दायरे में शामिल किए गए हैं। हालांकि GMADA रीजनल प्लान के अंतर्गत आने वाली कॉलोनियों को इस नीति का लाभ नहीं मिलेगा।
सरकार ने पहली बार रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को भी पूरी कॉलोनी की ओर से आवेदन करने की अनुमति दी है। हालांकि आवेदन के लिए संबंधित विभागों से आवश्यक एनओसी और अन्य कानूनी मंजूरियां लेना अनिवार्य होगा। कंपाउंडिंग फीस संबंधित क्षेत्र के मौजूदा कलेक्टर रेट के आधार पर तय की जाएगी।
नई व्यवस्था के अनुसार आवेदन मिलने के 30 दिनों के भीतर अस्थायी रेगुलराइजेशन प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। निर्धारित शुल्क जमा होने के बाद स्थायी प्रमाणपत्र मिलेगा, जिससे संपत्ति की रजिस्ट्री, बैंक फाइनेंस, नक्शा पास कराने और सरकारी सुविधाएं लेने का रास्ता साफ हो जाएगा।
सरकार का दावा है कि वर्ष 2013, 2016 और 2018 में लागू नीतियों से मिली कमियों को दूर कर इस बार प्रक्रिया को अधिक सरल और प्रभावी बनाया गया है, ताकि वर्षों से लंबित हजारों परिवारों को कानूनी राहत मिल सके।



