सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
जालंधर के नौगज्जा गांव में रविवार को श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन केंद्र के निर्माण की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र की आधारशिला रखी। कार्यक्रम में डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास समेत बड़ी संख्या में संगत मौजूद रही।
बाणी और विचारों पर शोध के लिए बनेगा केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित केंद्र केवल धार्मिक अध्ययन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गुरु रविदास जी की बाणी, जीवन और सामाजिक संदेश को समझने के लिए अध्ययन और शोध का मंच उपलब्ध कराएगा। उनका कहना था कि आने वाले समय में युवा पीढ़ी इस केंद्र के माध्यम से गुरु साहिब की शिक्षाओं से जुड़ सकेगी।
‘पंजाब की पहचान को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता’
समारोह में मुख्यमंत्री ने पंजाब के विकास मॉडल को लेकर अपनी सरकार की प्राथमिकताओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश का विकास यहां की जरूरतों और पहचान को ध्यान में रखकर होना चाहिए। सीएम ने सरकारी स्कूलों में किए जा रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के चलते सरकारी संस्थानों के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ा है।
जनकल्याण योजनाओं को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट
महिलाओं और अन्य वर्गों के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से जरूरतमंद परिवारों को सहायता देना है। उन्होंने कहा कि जनता का समर्थन मिलने तक सरकार जनहित से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाती रहेगी।
संत निरंजन दास को पद्मश्री मिलने पर बधाई
कार्यक्रम में संत निरंजन दास की मौजूदगी का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे सौभाग्य बताया। उन्होंने संत निरंजन दास को पद्मश्री सम्मान मिलने पर बधाई दी और कहा कि धार्मिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक क्षेत्र में उनका योगदान महत्वपूर्ण है।
दोआबा की सियासत में डेरा बल्लां की अहम भूमिका
श्री गुरु रविदास जी से जुड़े इस प्रोजेक्ट का राजनीतिक महत्व भी देखा जा रहा है। दोआबा क्षेत्र में रविदासिया समुदाय की बड़ी आबादी होने के कारण डेरा सचखंड बल्लां लंबे समय से राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। जालंधर, होशियारपुर, कपूरथला और शहीद भगत सिंह नगर जिलों की कई विधानसभा सीटों पर इस समुदाय का प्रभाव चुनावी समीकरणों को प्रभावित करता है।
भाजपा ने भी बढ़ाई धार्मिक स्थलों से सक्रियता
डेरा बल्लां के साथ भाजपा की सक्रियता भी हाल के वर्षों में बढ़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डेरा बल्लां यात्रा और संत निरंजन दास से मुलाकात के अलावा श्री गुरु रविदास महाराज के नाम से ट्रेन को हरी झंडी दिखाए जाने जैसे कदमों को इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। एयरपोर्ट के नामकरण और संत निरंजन दास को पद्मश्री दिए जाने के बाद भी यह मुद्दा चर्चा में रहा।
आप सरकार ने प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया
अध्ययन केंद्र की योजना को लेकर पूर्व में भी राजनीतिक स्तर पर प्रयास होते रहे हैं। अब पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा शिलान्यास किए जाने के बाद इसके निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। राजनीतिक जानकार इसे धार्मिक-सामाजिक जुड़ाव के साथ-साथ दोआबा में राजनीतिक प्रभाव मजबूत करने की कोशिश के तौर पर भी देख रहे हैं।



